भारतीय सेना ने लश्कर आतंकी हाशिम मूसा को मार गिराया। पाकिस्तान ने उसे जिंदा दिखाने के लिए हमशक्ल पेश किया। विशेषज्ञों ने तकनीक से इस फर्जीवाड़े की पोल खोल दी। मूसा कई आतंकी हमलों का मास्टरमाइंड था।

नई दिल्ली: दुनिया भर में पाकिस्तान एक बार फिर बेनकाब हो गया है। भारतीय सेना ने लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी हाशिम मूसा को मार गिराया था। लेकिन पाकिस्तान ने यह साबित करने के लिए कि मूसा जिंदा है, एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की और उसकी जगह किसी और को पेश कर दिया। अब स्वतंत्र एजेंसियों और रक्षा विशेषज्ञों ने पाकिस्तान के इस फर्जीवाड़े की पोल खोल दी है।

बुधवार को भारतीय सेना ने जम्मू-कश्मीर के बडगाम में हुए एक एनकाउंटर में लश्कर कमांडर मोहम्मद आसिफ उर्फ हाशिम मूसा को ढेर कर दिया था। भारत के इस दावे को गलत साबित करने के लिए पाकिस्तानी सेना की मीडिया विंग ने मूसा के हमशक्ल को मीडिया के सामने बैठा दिया। इस फर्जी आदमी ने दावा किया कि वह 2000 में पाकिस्तानी सेना में शामिल हुआ था और 2023 में एसएसजी हवलदार के पद से रिटायर हुआ है। लेकिन रक्षा विशेषज्ञों ने तकनीक की मदद से पुरानी तस्वीरों का मिलान किया तो सच सामने आ गया। चेहरे का आकार, नाक, कान और आंखों की बनावट असली हाशिम मूसा से बिल्कुल नहीं मिल रही थी।

आपको बता दें कि हाशिम मूसा पहलगाम आतंकी हमले के बचे हुए मास्टरमाइंड्स में से एक था। वह कश्मीर में आम नागरिकों और सेना पर हुए कई हमलों का मास्टरमाइंड था। सबसे बड़ी बात यह है कि वह पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ की सुरक्षा टीम में भी काम कर चुका था।