Pakistan Global Terrorism Index 2026: ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स 2026 में पाकिस्तान पहली बार दुनिया का सबसे अधिक आतंकवाद प्रभावित देश बना है। रिपोर्ट में आतंकी हमलों, मौतों, अपहरण और बलूचिस्तान-KPK में बिगड़ते सुरक्षा हालात का चौंकाने वाला खुलासा हुआ है।

Global Terrorism Index Report 2026: एक समय ऐसा था जब पाकिस्तान पर अपनी धरती से आतंकवाद को बढ़ावा देने के आरोप लगते रहे। अब हालात ऐसे हैं कि वही देश खुद आतंकवाद की सबसे बड़ी मार झेल रहा है। इंस्टीट्यूट फॉर इकोनॉमिक्स एंड पीस (IEP) की Global Terrorism Index 2026 रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान पहली बार दुनिया का सबसे अधिक आतंकवाद प्रभावित देश बन गया है। रिपोर्ट बताती है कि आतंकी घटनाओं, मौतों और अपहरण के मामलों में लगातार बढ़ोतरी ने पाकिस्तान की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

Global Terrorism Index 2026: मौतों और हमलों में लगातार बढ़ोतरी

रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 2025 में पाकिस्तान में 1,139 आतंकी हमले दर्ज किए गए, जिनमें 1,045 लोगों की मौत हुई। यह 2013 के बाद का सबसे गंभीर आंकड़ा है। आतंकवाद से होने वाली मौतों में पिछले वर्ष की तुलना में 6% की बढ़ोतरी दर्ज की गई और लगातार छठे साल यह ग्राफ ऊपर गया।

जनवरी से जुलाई 2026 के बीच आतंकवादी घटनाओं और सुरक्षा अभियानों में 2,786 लोगों की जान गई। इनमें 1,857 आतंकवादी, 434 सुरक्षाकर्मी, 463 नागरिक और 32 शांति समिति के सदस्य शामिल हैं। वहीं, अपहरण की घटनाएं भी तेजी से बढ़ी हैं। 2024 में जहां 101 लोगों को बंधक बनाया गया था, वहीं 2025 में यह संख्या बढ़कर 655 पहुंच गई। इनमें जाफर एक्सप्रेस पर हुए हमले में 442 लोगों को एक साथ बंधक बनाए जाने की घटना सबसे बड़ी रही।

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जुलाई 2026 बना सबसे खूनी महीना

Pakistan Institute for Conflict and Security Studies (PICSS) की रिपोर्ट के अनुसार, जुलाई 2026 इस दशक के सबसे हिंसक महीनों में शामिल रहा। इस महीने आतंकवादी हमलों और सैन्य अभियानों में 606 लोगों की मौत और 232 लोग घायल हुए।

रिपोर्ट के अनुसार, जुलाई में 112 सुरक्षाकर्मी मारे गए, जो जनवरी 2023 के पेशावर पुलिस लाइंस हमले के बाद सबसे बड़ा मासिक आंकड़ा है। सेना की कार्रवाई में 401 आतंकवादी ढेर किए गए। इसी दौरान 74 नागरिक और 19 शांति समिति के सदस्य भी मारे गए। महीने भर में 8 आत्मघाती हमले हुए, जिनमें से 5 में विस्फोटकों से भरी गाड़ियों का इस्तेमाल किया गया। अपहरण के मामले भी जून की तुलना में दोगुने होकर 66 तक पहुंच गए।

बलूचिस्तान और KPK बने सबसे बड़े संकट केंद्र

रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान के 74% आतंकी हमले और 67% मौतें केवल खैबर पख्तूनख्वा (KPK) और बलूचिस्तान में दर्ज की गईं। जुलाई 2026 में बलूचिस्तान सबसे अधिक प्रभावित रहा, जहां मौतों का आंकड़ा जून के मुकाबले 241% बढ़कर 372 हो गया। सुरक्षाकर्मियों की मौत में भी 933% की वृद्धि दर्ज की गई।

विश्लेषकों के अनुसार, 2021 में अफगानिस्तान में तालिबान की वापसी के बाद तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) और बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) जैसे उग्रवादी संगठनों की गतिविधियां बढ़ी हैं। इसके साथ ही पाकिस्तान की आंतरिक राजनीतिक अस्थिरता, न्यायपालिका और सेना के बीच टकराव तथा सीमाई सुरक्षा की चुनौतियों ने देश की सुरक्षा स्थिति को और कमजोर कर दिया है। यही वजह है कि पाकिस्तान आज दुनिया के सबसे गंभीर आतंकवाद प्रभावित देशों में सबसे ऊपर पहुंच गया है।

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