पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में छुट्टियां मनाने आए एक ऑस्ट्रेलियाई परिवार पर पुलिस ने गलती से फायरिंग कर दी। लुटेरे समझकर की गई इस गोलीबारी में 9 साल की बच्ची हानिया अहमद की मौत हो गई। इस घटना में बच्ची के पिता और भाई भी घायल हुए हैं।

नई दिल्ली: पाकिस्तान में छुट्टियां मनाने गए एक ऑस्ट्रेलियाई परिवार के लिए खुशियों का माहौल मातम में बदल गया। यहां पंजाब प्रांत में पुलिस ने लुटेरे समझकर परिवार की कार पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी, जिसमें 9 साल की एक बच्ची की मौत हो गई। बच्ची का नाम हानिया अहमद था। इस दर्दनाक घटना के बाद ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने पाकिस्तान सरकार से मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग की है।

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यह परिवार ऑस्ट्रेलिया के पर्थ शहर में रहता है। परिवार में 39 साल के अदील अहमद, उनकी पत्नी डॉ. सिद्रा खान, बेटी हानिया और 10 साल का बेटा अफान थे। हज यात्रा करने के बाद यह परिवार पाकिस्तान घूमने आया था। 10 जून की रात को जब वे लाहौर से करीब 300 किलोमीटर दूर चकवाल जिले से गुजर रहे थे, तभी मोटरसाइकिल पर आए दो हथियारबंद लुटेरों ने उनकी किराए की कार को रोक लिया।

घबराकर अदील अहमद ने फौरन पुलिस के इमरजेंसी नंबर पर कॉल कर मदद मांगी। जैसे ही क्राइम कंट्रोल डिपार्टमेंट (CCD) के अफसर मौके पर पहुंचे, लुटेरे अपनी बाइक पर भागने लगे। इसी अफरातफरी में परिवार ने भी अपनी कार आगे बढ़ा दी। पुलिस ने परिवार की कार को ही लुटेरों की गाड़ी समझ लिया और उस पर ताबड़तोड़ गोलियां चलानी शुरू कर दीं।

गोलीबारी में हानिया गंभीर रूप से घायल हो गई। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। इस घटना में हानिया के पिता और भाई को भी चोटें आई हैं। बच्ची के पिता ने मीडिया को बताया कि पुलिस ने ही पहले गोली चलाई थी। फिलहाल, कार पर फायरिंग करने वाले पुलिस अफसर को हत्या के आरोप में हिरासत में ले लिया गया है और बाकी पुलिसकर्मियों से भी पूछताछ चल रही है।