पंचकूला में रिटायर्ड आर्मी अफसर की पत्नी नीरा मेहता की हत्या के बाद CCTV ने चौंकाने वाला राज खोला। गहनों के विवाद से शुरू हुआ मामला आखिर कैसे हत्या तक पहुंचा? पोस्टमार्टम और जांच पर टिकी सबकी नजर।

पंचकूला: हरियाणा के पंचकूला में 72 वर्षीय नीरा मेहता की हत्या ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। रिटायर्ड आर्मी कैप्टन मनमोहन लाल मेहता की पत्नी नीरा मेहता घर से गायब गहनों के बारे में पूछताछ करने अपनी घरेलू सहायिका के घर गई थीं, लेकिन वह वापस नहीं लौटीं। कुछ ही घंटों बाद पुलिस को उनका शव पड़ोसी मकान की छत पर मिला। मामले में सामने आए CCTV फुटेज और शुरुआती जांच ने इस हत्याकांड को और भी सनसनीखेज बना दिया है।

गायब गहनों से शुरू हुआ विवाद, फिर अचानक क्या हुआ?

घटना की शुरुआत तब हुई जब रिटायर्ड आर्मी कैप्टन मनमोहन लाल मेहता ने पुलिस में अपनी पत्नी नीरा मेहता की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस के मुताबिक, मेहता परिवार के घर से कुछ सोने के गहने गायब थे। परिवार को शक था कि घरेलू सहायिका सुनीता देवी ने चोरी की है। इसी सिलसिले में नीरा मेहता उससे पूछताछ करने उसके घर पहुंचीं। जांच में सामने आया कि बातचीत के दौरान विवाद बढ़ा और मामला कथित तौर पर हाथापाई तक पहुंच गया। पुलिस का कहना है कि इसी दौरान नीरा मेहता की मौत हो गई। हालांकि, मौत का अंतिम कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा।

CCTV ने खोला सबसे बड़ा राज

पंचकूला की डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (DCP) अदिति सिंह के नेतृत्व में जब पुलिस टीम मेड सुनीता देवी के घर पहुंची, तो मकान बाहर से बंद मिला। शक गहराने पर पुलिस ने पड़ोसी की छत से होते हुए मेड के घर की छत पर कदम रखा। वहाँ का नज़ारा देखकर सभी के होश उड़ गए, एक कोने में किसी चीज़ से ढकी हुई नीरा मेहता की बेजान लाश पड़ी हुई थी। घटना के बाद पुलिस ने आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में कथित तौर पर घरेलू सहायिका सुनीता देवी और उसका बेटा राजा महिला के शव को घर से बाहर ले जाते और पड़ोसी की छत पर छिपाते हुए दिखाई दिए। पुलिस का दावा है कि आरोपियों ने शव को ढककर छिपाने और सबूत मिटाने की कोशिश की, लेकिन कैमरों में उनकी गतिविधियां रिकॉर्ड हो गईं।

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24 घंटे में तीन आरोपी गिरफ्तार

पुलिस ने हत्या के 24 घंटे के भीतर घरेलू सहायिका सुनीता देवी, उसके पति शंकर और बेटे राजा को गिरफ्तार कर लिया। अधिकारियों के अनुसार, शुरुआती पूछताछ में आरोपियों ने अपना अपराध स्वीकार किया है। हालांकि, सुनीता ने गहने चोरी करने से इनकार किया और दावा किया कि नीरा मेहता फिसलकर गिर गई थीं। पुलिस अब इस दावे की भी वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर जांच कर रही है।

फोरेंसिक और पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी नजर

जांच एजेंसियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक जांच और अन्य वैज्ञानिक सबूत यह तय करेंगे कि मौत किन परिस्थितियों में हुई। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है और घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों का विश्लेषण किया जा रहा है।

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पुलिस की बुजुर्गों से खास अपील

घटना के बाद पंचकूला पुलिस ने अकेले रहने वाले बुजुर्गों से अपने घरेलू सहायकों का पुलिस सत्यापन (वेरिफिकेशन) कराने की अपील की है। पुलिस कमिश्नर पंकज नैन द्वारा शुरू की गई विशेष हेल्पलाइन 9115777026 के माध्यम से बुजुर्ग घरेलू सहायकों का सत्यापन करा सकते हैं और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल पुलिस सहायता भी प्राप्त कर सकते हैं। पुलिस के अनुसार, पंचकूला में अब तक अकेले रहने वाले 170 बुजुर्गों की पहचान की जा चुकी है। अधिकारियों का मानना है कि ऐसे मामलों को रोकने के लिए समय पर वेरिफिकेशन और सतर्कता बेहद जरूरी है। वहीं, नीरा मेहता हत्याकांड में अब सभी की निगाहें पोस्टमार्टम रिपोर्ट और आगे की फोरेंसिक जांच पर टिकी हैं, जो इस पूरे मामले की असली तस्वीर सामने ला सकती है।