PM Modi 25 Years: 25 साल की सत्ता यात्रा पूरी होने पर PM मोदी ने देश के सामने रखे 3 ऐसे बड़े लक्ष्य, जिन्हें सुनकर भीड़ ने एक सुर में कहा- “हम यह कर दिखाएंगे।” टॉप-3 इकोनॉमी, भारत में ओलंपिक की मेजबानी और इंसान को अंतरिक्ष में भेजने का संकल्प... आखिर क्या है मोदी का बड़ा मिशन?

Narendra Modi 25 Years: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरकार के मुखिया के तौर पर 25 साल पूरे होने के मौके पर देश के सामने भविष्य का रोडमैप रखा। अपने संबोधन में उन्होंने “हम यह कर दिखाएंगे” का नारा दोहराते हुए भारत के लिए तीन बड़े लक्ष्यों का जिक्र किया। इनमें दुनिया की टॉप-3 अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होना, ओलंपिक की मेजबानी करना और भारतीय को अंतरिक्ष में भेजना शामिल है।

‘हम यह कर दिखाएंगे’ बना नया संकल्प

मोदी ने कहा कि 7 अक्टूबर सिर्फ उनकी 25 साल की प्रशासनिक यात्रा को याद करने का दिन नहीं, बल्कि नए संकल्प लेने का अवसर है। उन्होंने कार्यकर्ताओं और देशवासियों से आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की अपील की। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में बार-बार “हम यह कर दिखाएंगे” कहा और मौजूद लोगों ने भी उसी अंदाज में जवाब दिया। उन्होंने 2047 तक विकसित भारत बनाने के बड़े लक्ष्य के साथ आत्मनिर्भरता और वैश्विक स्तर पर भारत की भूमिका बढ़ाने की बात भी रखी।

1. टॉप-3 इकोनॉमी में भारत का लक्ष्य

मोदी के तीन प्रमुख लक्ष्यों में पहला भारत को दुनिया की टॉप-3 अर्थव्यवस्थाओं में पहुंचाना है। भारत की अर्थव्यवस्था पिछले वर्षों में वैश्विक स्तर पर तेजी से आगे बढ़ी है और सरकार 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य के साथ आर्थिक क्षमता को और मजबूत करने पर जोर दे रही है।

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2. भारत में ओलंपिक की मेजबानी

दूसरा बड़ा लक्ष्य भारत में ओलंपिक खेलों की मेजबानी करना है। भारत पहले ही 2036 ओलंपिक की मेजबानी के लिए अपनी दावेदारी पेश कर चुका है। ऐसे में खेलों का आयोजन देश के वैश्विक कद और खेल ढांचे को मजबूत करने की बड़ी महत्वाकांक्षा से जुड़ा है।

3. भारतीय को अंतरिक्ष में भेजने का संकल्प

तीसरा लक्ष्य मानव अंतरिक्ष मिशन से जुड़ा है। भारत अपने अंतरिक्ष कार्यक्रम को लगातार आगे बढ़ा रहा है। चंद्रयान-3 की सफलता के बाद मानव अंतरिक्ष उड़ान और आगे के अंतरिक्ष अभियानों को लेकर महत्वाकांक्षाएं बढ़ी हैं। सरकार ने भविष्य में भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन और चंद्र मिशन जैसे लक्ष्यों की दिशा में भी योजनाएं रखी हैं। इन तीन लक्ष्यों के जरिए मोदी ने अपने 25 साल के प्रशासनिक सफर के अगले चरण को सिर्फ उपलब्धियों की चर्चा तक सीमित नहीं रखा, बल्कि भविष्य के लिए बड़े राष्ट्रीय लक्ष्य सामने रखे। अब इन संकल्पों को जमीन पर उतारना अगले वर्षों की बड़ी चुनौती होगी।