PM Narendra Modi Meeting: स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति गाई पार्मेलिन और पीएम नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में मुलाकात की। इस दौरान दोनों देशों के बीच रिश्ते मजबूत करने पर चर्चा हुई। पार्मेलिन का यह दौरा भारत-EFTA व्यापार समझौते (TEPA) की पहली वर्षगांठ के मौके पर हो रहा है।

India Switzerland Relations: स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति गाई पार्मेलिन सोमवार को तीन दिवसीय राजकीय दौरे पर भारत पहुंचे। अपने दौरे की शुरुआत उन्होंने राजघाट जाकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देकर की। इसके बाद नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की बैठक की। दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय संबंधों और सहयोग के कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई।

PM मोदी से मुलाकात, रिश्तों को मजबूत करने पर जोर

राष्ट्रपति गाई पार्मेलिन का राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत किया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इसके बाद स्विस राष्ट्रपति ने पीएम मोदी के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता की।

पार्मेलिन ने अपने भारत दौरे को दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे संबंधों को और मजबूत करने का अहम अवसर बताया। उन्होंने कहा कि भारत और स्विट्जरलैंड के रिश्ते साझा लोकतांत्रिक मूल्यों, भरोसे और आपसी सम्मान पर आधारित हैं।

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जयशंकर से भी हुई मुलाकात

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भी स्विस राष्ट्रपति से मुलाकात की। जयशंकर ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि भारत-EFTA व्यापार और आर्थिक साझेदारी समझौते (TEPA) के वादे को आगे बढ़ाते हुए दोनों देशों के संबंधों को और गहरा करने के विचारों का वह स्वागत करते हैं।

उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पार्मेलिन की बातचीत से दोनों देशों के बीच कई क्षेत्रों में सहयोग और मजबूत होगा।

TEPA की पहली वर्षगांठ पर खास नजर

राष्ट्रपति पार्मेलिन ने भारत दौरे के दौरान भारत-EFTA TEPA के लागू होने की पहली वर्षगांठ मनाने को खास बताया। भारत और यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (EFTA) के चार देशों—स्विट्जरलैंड, आइसलैंड, लिकटेंस्टीन और नॉर्वे—के बीच यह व्यापार समझौता 1 अक्टूबर 2025 से लागू हुआ था।

पार्मेलिन ने कहा कि यह समय दोनों देशों की अब तक की उपलब्धियों को देखने के साथ-साथ साझा भविष्य को आकार देने का भी है।

व्यापार से तकनीक तक बढ़ेगा सहयोग

स्विस राष्ट्रपति के इस दौरे का फोकस व्यापार, निवेश, विज्ञान, तकनीक और कुशल कामगारों की आवाजाही जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर है। उनके साथ वरिष्ठ अधिकारियों और कारोबारी प्रतिनिधियों का एक बड़ा दल भी भारत आया है।

7 अक्टूबर को होने वाले दूसरे भारत-EFTA समृद्धि शिखर सम्मेलन में भी राष्ट्रपति पार्मेलिन हिस्सा लेंगे। यह सम्मेलन TEPA के लागू होने की पहली वर्षगांठ के मौके पर हो रहा है।

भारत के लिए स्विट्जरलैंड क्यों अहम?

विदेश मंत्रालय के मुताबिक, EFTA देशों में स्विट्जरलैंड भारत का प्रमुख व्यापार और निवेश साझेदार है। दोनों देशों के बीच लंबे समय से मैत्रीपूर्ण संबंध हैं और लगातार उच्चस्तरीय बातचीत होती रही है।

भारत दौरे के दौरान पार्मेलिन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से भी मुलाकात करेंगे। राष्ट्रपति मुर्मू उनके सम्मान में औपचारिक भोज की मेजबानी करेंगी। ऐसे में यह दौरा भारत और स्विट्जरलैंड के बीच आर्थिक, तकनीकी और रणनीतिक सहयोग को नई दिशा देने के लिहाज से अहम माना जा रहा है।