वाराणसी में पीएम मोदी का रहस्यमयी दौरा सुर्खियों में है, जब वे बरेका गेस्ट हाउस से निकलकर अचानक काशी विश्वनाथ धाम पहुंचे और गुप्त रूप से षोडशोपचार पूजा की। एक हाथ में त्रिशूल और दूसरे में डमरू ने सस्पेंस बढ़ा दिया। साथ ही 593 किमी गंगा एक्सप्रेसवे के लोकार्पण से पहले बड़ा राजनीतिक और विकास संदेश सामने आया।
PM Modi Kashi Vishwanath Temple Darshan: वाराणसी में बुधवार की सुबह अचानक हलचल तेज हो गई जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने काशी दौरे के दूसरे दिन बरेका गेस्ट हाउस से निकलकर सीधे वाराणसी के प्रसिद्ध काशी विश्वनाथ धाम पहुंचे। सुबह-सुबह सड़क मार्ग से उनके काफिले के गुजरते ही पूरे इलाके में सुरक्षा कड़ी कर दी गई और स्थानीय लोग भी अपने नेता की एक झलक पाने के लिए सड़कों पर उमड़ पड़े।
काशी की गलियों में गूंजे जयकारे, भीड़ में उत्साह
जैसे ही पीएम मोदी का काफिला आगे बढ़ा, काशीवासियों ने “हर-हर महादेव” और “जय श्री राम” के नारों से वातावरण को भक्तिमय बना दिया। पीएम ने रास्ते में लोगों का अभिवादन स्वीकार किया और कई जगह रुककर बच्चों और स्थानीय नागरिकों से बातचीत भी की। इस दौरान माहौल पूरी तरह उत्सव जैसा दिखाई दिया।

त्रिशूल और डमरू का प्रतीक: आस्था का अनोखा क्षण
नरेंद्र मोदी जब काशी विश्वनाथ धाम से दर्शन-पूजन के बाद बाहर निकले तो उन्हें श्रद्धालुओं और स्थानीय प्रतिनिधियों द्वारा भेंट स्वरूप डमरू और त्रिशूल प्रदान किया गया। यह दृश्य धार्मिक आस्था और राजनीतिक प्रतीकात्मकता दोनों का मिश्रण माना जा रहा है। प्रधानमंत्री ने मुस्कुराते हुए लोगों का अभिवादन स्वीकार किया और कुछ क्षण तक भीड़ की ओर हाथ हिलाकर उनका आभार व्यक्त किया।
बाबा विश्वनाथ की विशेष पूजा: 16 विधियों से आराधना
मंदिर परिसर में प्रधानमंत्री ने विधिवत षोडशोपचार पूजा की, जिसमें 16 पारंपरिक विधियों से भगवान शिव की आराधना की जाती है। उन्होंने बाबा विश्वनाथ का अभिषेक कर देश की शांति, समृद्धि और विकास की कामना की। मंदिर प्रशासन और पुजारियों ने इस विशेष पूजा को पूरी शास्त्रीय विधि से सम्पन्न कराया।

विकास की रफ्तार: गंगा एक्सप्रेसवे का संदेश
इस दौरे के दौरान प्रधानमंत्री ने गंगा एक्सप्रेसवे से जुड़े कार्यक्रम का भी उल्लेख किया। 593 किलोमीटर से अधिक लंबे इस एक्सप्रेसवे पर 29 अप्रैल की रात से टोल संचालन शुरू होने जा रहा है। इसे राज्य में कनेक्टिविटी और आर्थिक विकास का बड़ा कदम माना जा रहा है।
राजनीतिक संदेश और आगे की यात्रा
काशी दौरे के दौरान पीएम मोदी ने अपने संबोधन और बातचीत में महिला सशक्तिकरण और विकास योजनाओं का भी उल्लेख किया। पूजा-अर्चना के बाद वे सीधे बाबतपुर एयरपोर्ट के लिए रवाना हुए और आगे की यात्रा पर प्रस्थान किया।


