Vrindavan Ashram Suicide Case: यूपी के प्रेमानंद महाराज आश्रम में शिष्य रसिक दुलारी शरण की मौत की जांच तेज हो गई है. पोस्टमार्टम और सीसीटीवी से खौफनाक सच सामने आया है कि छत से कूदने से पहले उसने अपना प्राइवेट पार्ट काट लिया था. पुलिस अब आश्रम के अजीबोगरीब नियमों और इस खौफनाक कदम के पीछे के राज खंगाल रही है.
Deepak Lodhi Death: यूपी में संत प्रेमानंद महाराज के आश्रम में शिष्य रसिक दुलारी शरण की संदिग्ध मौत मामले में पुलिस ने जांच तेज कर दी है. जांच के दौरान आश्रम में मोबाइल बैन जैसे कई अजीबोगरीब नियम सामने आए हैं.
आश्रम में एंट्री के बाद शिष्यों का बाहरी दुनिया से संपर्क काट दिया जाता है. मोबाइल इस्तेमाल करने पर सख्त पाबंदी है. शिष्य या साधक बनने के बाद उनके पर्सनल फोन जमा कर लिए जाते हैं. इसके बदले आश्रम उन्हें नया फोन और सिम कार्ड देता है. परिवार और दोस्तों से बातचीत भी बहुत लिमिटेड कर दी जाती है, कई बार तो पूरी तरह रोक लगा दी जाती है. पुलिस अब इन नियमों के पीछे की वजह तलाश रही है. साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि शिष्यों के पुराने फोन और उनके कॉन्टैक्ट्स का डेटा कहां और किसके पास रखा जाता था.
केस का बैकग्राउंड
आश्रम के हॉस्टल की चौथी मंजिल से कूदकर दीपक लोधी (उर्फ रसिक दुलारी शरण) ने जान दे दी. शुरुआत में यह एक आम सुसाइड लग रहा था, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट और सीसीटीवी फुटेज ने केस में बड़ा ट्विस्ट ला दिया है.
छत से कूदने से पहले किया खौफनाक काम!
पोस्टमार्टम में खुलासा हुआ कि चौथी मंजिल से कूदने से पहले ही दीपक का काफी खून बह चुका था. उसने अपने कमरे में रखे इलेक्ट्रिक एंगल ग्राइंडर से अपना प्राइवेट पार्ट खुद काट लिया था. पुलिस ने मौके से मशीन भी बरामद कर ली है. कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है, इसलिए पुलिस भी हैरान है कि आखिर किस वजह से उसने खुद को इतनी खौफनाक सजा दी और फिर जान दे दी.
चार सीसीटीवी फुटेज में क्या दिखा?
पुलिस ने चार सीसीटीवी फुटेज खंगाले हैं. पहले फुटेज में सुबह 10:30 बजे दीपक चौथी मंजिल से नीचे सड़क पर गिरता हुआ दिख रहा है. उसे तुरंत प्राइवेट अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.
दूसरे फुटेज में दीपक छत के किनारे बैठा है, फिर छत पर लेट जाता है और अचानक उठकर नीचे कूद जाता है. इसी दौरान छत के पीछे से एक और शख्स उसकी तरफ आता हुआ दिखाई देता है.
तीसरे फुटेज में सुबह 10:15 बजे दीपक खून से सने कपड़ों में सीढ़ियां चढ़कर छत पर जाता दिख रहा है. कूदने से पहले उसने करीब 15 से 20 मिनट वहां बिताए.
चौथे फुटेज में घटना से कुछ ही पल पहले दीपक गैलरी से अपने कमरे की तरफ जाता हुआ नजर आ रहा है.
क्या ब्रह्मचर्य को गलत समझ लिया?
प्रेमानंद महाराज अपने प्रवचनों में सात्विक जीवन और 'ब्रह्मचर्य' के पालन पर बहुत जोर देते हैं. ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि क्या दीपक ने ब्रह्मचर्य के पालन में फेल होने के पछतावे में या फिर इस नियम को गलत तरीके से समझकर इतना खौफनाक कदम उठाया?
केली कुंज आश्रम के संन्यासियों की सफाई
केली कुंज आश्रम के संन्यासियों और शिष्यों ने साफ किया है कि इस घटना से गुरुजी का कोई लेना-देना नहीं है. जिस हॉस्टल में दीपक रहता था, वहां इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग के कर्मचारी और साधक रहते हैं. प्रेमानंद महाराज वहां से कई किलोमीटर दूर रहते हैं. स्थानीय भक्तों में गुस्सा है कि कुछ लोग धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने और महाराज को बदनाम करने के लिए इस घटना का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं. शिष्यों ने आश्रम पर लगे सभी आरोपों को खारिज किया है, जिसमें विराट कोहली को आश्रम बुलाने के लिए 5 करोड़ रुपये देने की अफवाह भी शामिल है.
राज अब भी बरकरार
पुलिस ने दीपक के रूममेट और हॉस्टल में रहने वाले बाकी लोगों से लंबी पूछताछ की है. सीसीटीवी से यह तो साफ हो गया है कि उसने कूदकर जान दी, लेकिन किस मानसिक दबाव या अंदरूनी बात ने उसे अपना प्राइवेट पार्ट काटने पर मजबूर किया, यह राज अब भी बरकरार है. मथुरा पुलिस हर एंगल से मामले की जांच कर रही है.
