Rajpal Yadav Cheque Bounce Case : चेक बाउंस मामलों में बॉलीवुड एक्टर राजपाल यादव की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। सोमवार को सुप्रीम कोईट ने कड़ी फटकार लगातचे हुए कहा- आपको पता होना चाहिए कि कब मुंह खोलना है। आपकी जगह जेल में है।

लखनऊ. चेक बाउंस के सात मामलों में दोषी ठहराए गए अभिनेता राजपाल यादव को सुप्रीम कोर्ट ने कड़ी फटकार लगाई है। कोर्ट के आदेश के बावजूद 5 करोड़ रुपये जमा नहीं करने पर सुनवाई के दौरान जस्टिस जॉयमाल्य बागची ने नाराजगी जताई। कोर्ट ने राजपाल यादव को रकम जमा करने का आखिरी मौका दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया है कि राजपाल यादव 6 अक्टूबर तक 5 करोड़ रुपये जमा करें। मामले की अगली सुनवाई 7 अक्टूबर को होगी।

कोर्ट ने पूछा- पहले दिए आदेश का पालन क्यों नहीं किया?

  • सुनवाई के दौरान CJI सूर्यकांत ने राजपाल यादव के वकील से पूछा कि 15 सितंबर को दिए गए आदेश का पालन अब तक क्यों नहीं किया गया। कोर्ट ने कहा कि रकम जमा करने के लिए पर्याप्त समय दिया गया था।
  • राजपाल यादव की ओर से पेश वकील ने बताया कि बैंक में डिमांड ड्राफ्ट तैयार करने की प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने कहा कि 50 लाख रुपये का डिमांड ड्राफ्ट तैयार है और बैंक में प्रोसेस हो रहा है।
  • इस पर कोर्ट ने पूछा कि क्या यह डिमांड ड्राफ्ट वास्तव में तैयार हुआ है? कोर्ट ने कहा कि उसके पास अभी इसकी पुष्टि की जानकारी नहीं है।

शिकायतकर्ता के वकील ने लगाया ‘एक्टिंग’ का आरोप

  • सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता की ओर से पेश वकील ने राजपाल यादव पर कोर्ट के सामने भी ‘एक्टिंग’ करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अभिनेता अदालत की गरिमा का सम्मान नहीं कर रहे हैं।
  • वहीं, राजपाल यादव के वकील ने शिकायतकर्ता को लेकर कहा कि वे गरीब नहीं हैं।
  • इस पर जस्टिस जॉयमाल्य बागची ने सख्त टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता भले ही राजपाल यादव से ज्यादा अमीर हों, लेकिन जिस रकम का उन्हें नुकसान हुआ है, उस हद तक वे गरीब हैं।

जस्टिस बागची ने लगाई कड़ी फटकार

  • जस्टिस जॉयमाल्य बागची ने राजपाल यादव के रवैये पर नाराजगी जताते हुए कहा कि इस तरह के अहंकार को सही जगह दिखाना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें पता होना चाहिए कि अदालत में कब और क्या बोलना है।
  • सुनवाई के दौरान जस्टिस बागची ने बेहद सख्त टिप्पणी करते हुए कहा, “आपकी जगह जेल में है।”

कोर्ट में पेश किया गया 50 लाख का डिमांड ड्राफ्ट

  • सुनवाई के दौरान राजपाल यादव की ओर से 50 लाख रुपये के डिमांड ड्राफ्ट की कॉपी भी कोर्ट में दिखाई गई। उनके वकील ने बताया कि ड्राफ्ट बैंक में प्रोसेस हो रहा है।
  • हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उसे अभी यह भी जानकारी नहीं है कि डिमांड ड्राफ्ट वास्तविक है या नहीं। कोर्ट ने साफ किया कि पहले दिए गए आदेश के मुताबिक राजपाल यादव को 5 करोड़ रुपये जमा करने थे, लेकिन उन्होंने तय समय में रकम जमा नहीं की।

6 अक्टूबर तक जमा करने होंगे 5 करोड़

सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल राजपाल यादव को आखिरी मौका दिया है। कोर्ट ने उन्हें 6 अक्टूबर तक 5 करोड़ रुपये जमा करने का निर्देश दिया है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 7 अक्टूबर को होगी।