Rare Medical Case Karnataka: कर्नाटक के सिधनूर में एक बेहद हैरान करने वाला मेडिकल केस सामने आया है। यहां सहना अस्पताल में भर्ती 2 महीने के बच्चे के पेट में एक और भ्रूण मिला है। मेडिकल भाषा में इसे 'फीटस इन फीटू' कहते हैं। यह कर्नाटक का ऐसा तीसरा मामला है। बच्चे को आगे के इलाज के लिए बेल्लारी के विम्स अस्पताल भेजा गया है।
Fetus in Fetu Rare Medical Case: सिधनूर शहर में मेडिकल साइंस को हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां के सहना अस्पताल में एक दो महीने के बच्चे के पेट में भ्रूण मिला है। अस्पताल के मुख्य डॉक्टर के. शिवराज ने इस बात की जानकारी दी।
डॉ. शिवराज ने बताया कि यह बच्चा मस्की तालुका के इरकल्गड़ा गांव का है। इस दो महीने के लड़के का पेट दिन-ब-दिन बड़ा होता जा रहा था। उसे बार-बार उल्टी हो रही थी और उसकी ग्रोथ भी नॉर्मल नहीं थी। इन्हीं परेशानियों के चलते घरवाले उसे हमारे अस्पताल लेकर आए थे। शुरुआती जांच में पेट का आकार बड़ा होने और वजन से जुड़ी दिक्कतें सामने आईं।
आम ट्यूमर नहीं, भ्रूण जैसी थी बनावट
जब डॉक्टरों ने बच्चे के पेट का अल्ट्रासाउंड किया, तो अंदर ट्यूमर जैसी कोई चीज दिखी। इसके बाद डॉ. शिवराज पाटिल और रेडियोलॉजिस्ट डॉ. विवेक जीरंकली ने मामले की गहराई से जांच की। उन्होंने पाया कि यह कोई आम ट्यूमर नहीं था, बल्कि इसकी बनावट एक भ्रूण जैसी थी। स्पेशल इमेजिंग और रिकंस्ट्रक्शन तकनीक की मदद से इसकी पूरी तरह से पुष्टि की गई।
50 लाख में से 1 बच्चे को होती है यह बीमारी
मेडिकल भाषा में इस अजीबोगरीब स्थिति को 'फीटस इन फीटू' (Fetus in fetu) कहा जाता है। 50 लाख बच्चों में से किसी एक में ही ऐसा मामला देखने को मिलता है। भारत के मेडिकल जर्नल्स में अब तक ऐसे सिर्फ 230 केस ही दर्ज हुए हैं। वहीं, कर्नाटक में यह अपनी तरह का तीसरा मामला है। बच्चे की हालत को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए बेल्लारी के विम्स (VIMS) अस्पताल रेफर कर दिया गया है।
