Saran Bihar Four Lane Road Viral Video: क्या बिहार के सारण में फोरलेन सड़क से झरने की तरह बहता पानी निर्माण में खामी का संकेत है? क्या यह खराब इंजीनियरिंग का मामला है या फिर ड्रेनेज सिस्टम का हिस्सा? आखिर वायरल वीडियो के पीछे की असली सच्चाई क्या है और विशेषज्ञ इसे कैसे देख रहे हैं?

Saran Bihar Road Construction Viral Video: बिहार के सारण जिले के रामपुर भट गांव का एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि एक नव-निर्मित एलिवेटेड फोरलेन सड़क और पुल के किनारों तथा नीचे से भारी मात्रा में बारिश का पानी तेजी से निकल रहा है। पानी का बहाव इतना अधिक है कि देखने वालों को यह किसी झरने जैसा नजर आ रहा है। वीडियो सामने आते ही सोशल मीडिया पर लोगों ने सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाने शुरू कर दिए। कई यूजर्स ने व्यंग्य करते हुए इसे स्पेस टेक्नोलॉजी से बनी सड़क तक बता दिया। कुछ लोगों ने इसे खराब इंजीनियरिंग और सरकारी परियोजनाओं में कथित भ्रष्टाचार का उदाहरण भी बताया। नीचे देखें वायरल वीडियो-

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

View post on Instagram

आखिर क्या है वायरल वीडियो की सच्चाई?

वीडियो के वायरल होने के बाद इस मामले पर दो तरह की राय सामने आई हैं। एक तरफ स्थानीय लोग और सोशल मीडिया यूजर्स निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ कुछ इंजीनियरिंग जानकारों और परियोजना से जुड़े लोगों का कहना है कि वीडियो को देखकर तुरंत किसी निष्कर्ष पर पहुंचना सही नहीं होगा। उनका दावा है कि संबंधित सड़क और पुल संरचना अभी पूरी तरह तैयार नहीं हुई है और निर्माण कार्य जारी है। ऐसे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में बारिश के पानी को बाहर निकालने के लिए विशेष ड्रेनेज आउटलेट या वीप होल (Weep Holes) बनाए जाते हैं। इनका उद्देश्य संरचना के अंदर जमा होने वाले पानी का दबाव कम करना होता है।

क्या बारिश में ऐसा होना सामान्य है?

सिविल इंजीनियरिंग के विशेषज्ञों के अनुसार, भारी बारिश के दौरान रिटेनिंग वॉल और सड़क के एम्बैंकमेंट में पानी जमा हो सकता है। यदि पानी के निकास की व्यवस्था न हो तो संरचना पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, जिससे दरारें या अन्य नुकसान हो सकते हैं। इसी वजह से कई परियोजनाओं में पानी निकालने के लिए विशेष आउटलेट दिए जाते हैं। तेज बारिश के दौरान इन आउटलेट्स से बड़ी मात्रा में पानी निकलता दिखाई दे सकता है, जो आम लोगों को असामान्य लग सकता है।

सोशल मीडिया पर बहस, लेकिन जांच के बाद ही सामने आएगी पूरी तस्वीर

फिलहाल वायरल वीडियो को लेकर बहस जारी है। हालांकि केवल वीडियो के आधार पर निर्माण की गुणवत्ता को लेकर अंतिम फैसला देना जल्दबाजी होगी। यह जानना जरूरी है कि पानी का बहाव वास्तव में डिजाइन का हिस्सा है या कहीं निर्माण में कोई तकनीकी खामी मौजूद है। जब तक संबंधित विभाग या परियोजना एजेंसी की आधिकारिक रिपोर्ट सामने नहीं आती, तब तक इस मामले को तथ्य और तकनीकी जांच के आधार पर ही देखा जाना चाहिए। फिलहाल इतना तय है कि सारण का यह वीडियो लोगों के बीच इंफ्रास्ट्रक्चर, इंजीनियरिंग और निर्माण गुणवत्ता को लेकर एक बड़ी चर्चा जरूर छेड़ चुका है।