Shahzad Bhatti Network: गुजरात के दो युवाओं ने बताया कि इंस्टाग्राम रील्स के जरिए वे शहजाद भट्टी नेटवर्क के संपर्क में कैसे आए और ATS ने टास्क मिलने से पहले उन्हें कैसे पकड़ा।

गुजरात एंटी-टेररिज़्म स्क्वाड (ATS) ने हाल ही में गुजरात के 2 युवकों को पकड़ा है, जो पाकिस्तान के खूंखार आतंकवादी शहजाद भट्टी के नेटवर्क से संपर्क में थे। यह नेटवर्क सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को पैसे और लग्जरी लाइफस्टाइल का लालच देता था। इन युवकों में से एक 29 साल का जिम ट्रेनर, लगभग दो साल तक इंस्टाग्राम पर भट्टी को फॉलो करता रहा, क्योंकि उसे लगता था कि वह एक सोशल मीडिया इन्फ़्लुएंसर है। दूसरा, 19 साल का एक युवक जो कपड़ों की दुकान में काम करता था, उन रील्स से अट्रैक्ट हुआ, जिनमें पैसे-महंगी कारें और लग्जरी लाइफस्टाइल का वादा किया गया था। एटीएस ने इन दोनों को तब पकड़ा, जब उन्हें कोई काम (टास्क) सौंपे जाने की तैयारी हो रही थी।

कौन है शहजाद भट्टी?

  • शहजाद भट्टी पाकिस्तान के पंजाब प्रांत का रहने वाला है और उसकी उम्र लगभग 45 साल है।
  • एजेंसियों का कहना है कि पाकिस्तान में उसका आपराधिक रिकॉर्ड रहा है।
  • एजेंसियों के अनुसार, 2013 के आसपास उसके ख़िलाफ चोरी और डकैती के मामले दर्ज किए गए थे। बाद में उस पर और भी गंभीर मामलों में आरोप लगे।
  • एजेंसियों का कहना है कि 2015 के आसपास वह पाकिस्तान छोड़कर दुबई चला गया। वहां वह कबाड़ और डेयरी के कारोबार से जुड़ा और कथित तौर पर फ़ारूक खोखर गैंग के संपर्क में आया।
  • भारतीय एजेंसियों के मुताबिक, दुबई में ही भट्टी ने "333" नाम से सोशल मीडिया वीडियो बनाना शुरू किया।
  • NDTV की रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारतीय एजेंसियों ने बताया कि भट्टी का नेटवर्क युवाओं को भर्ती करने की कोशिश करता है।
  • इसकी शुरुआत इंस्टाग्राम रील या मैसेज से होती है, फिर संपर्क बनाया जाता है, पैसे या लग्जरी लाइफस्टाइल का लालच दिया जाता है और फिर भर्ती किए गए लोगों को हैंडलर्स से जोड़ा जाता है।
  • गुजरात ATS ने जिन दो लोगों को पकड़ा, उन्होंने NDTV को बताया कि शुरू में उन्हें समझ नहीं आया कि वे किससे बात कर रहे हैं।

पहली भर्ती: गुजरात के जिम ट्रेनर की

  • पहला व्यक्ति 29 साल का है और गुजरात के बरगांव का रहने वाला है। उसने 12वीं कक्षा तक पढ़ाई की है और अपने माता-पिता और भाई के साथ रहता है। उसके पिता रियल एस्टेट के कारोबार में हैं।
  • यह युवक करीब 5 साल तक जिम ट्रेनर के तौर पर काम कर चुका है और सोशल मीडिया पर एक्टिव रहता था। करीब डेढ़-दो साल पहले, उसने इंस्टाग्राम पर शहजाद भट्टी की रील्स देखना शुरू किया।
  • उसने बताया कि उस समय उसे यह नहीं पता था कि जिस व्यक्ति को वह फॉलो कर रहा है, उस पर एजेंसियां ​​आतंकवादी नेटवर्क चलाने का आरोप लगा रही हैं।
  • उसने भट्टी को फॉलो किया, उसकी पोस्ट को लाइक किया और कमेंट्स किए। उसके बताए अनुसार, करीब डेढ़ साल बाद भट्टी ने उससे सीधे संपर्क किया। उस व्यक्ति ने बताया कि अगले ही दिन गुजरात ATS ने उसे गिरफ़्तार कर लिया।
  • उसके मुताबिक, मुझे गिरफ़्तार करके ऑफिस लाया गया। मुझे पूरे दिन वहां रखा गया और कड़ी पूछताछ की गई। फिर मुझे ऐसा न करने के लिए कहा गया। मुझे कोई काम नहीं दिया गया और अफ़सर ने कहा कि अगर मुझे ऐसे कोई मैसेज या कॉल आएं तो उन्हें बताऊं।"
  • युवके के मुताबिक, मैं डेढ़-दो साल से उसे फ़ॉलो कर रहा था। लेकिन जब मुझे यहां लाया गया तब पता चला कि वह एक आतंकवादी है।

दूसरी भर्ती: वलसाड का 19 साल का युवक

  • दूसरा मामला गुजरात के वलसाड के एक 19 वर्षीय युवक का है, जिसने आठवीं कक्षा तक पढ़ाई की है और तीन साल तक कपड़ों की दुकान पर काम किया है। वह अपने माता-पिता और बहन के साथ रहता है।
  • इस नेटवर्क से उसका संपर्क इस अप्रैल 2026 में इंस्टाग्राम रील्स देखते समय हुआ। पहले व्यक्ति के विपरीत, वह शुरू में भट्टी को फॉलो नहीं करता था क्योंकि वह उसे एक इन्फ्लुएंसर समझता था।
  • इसके बजाय, उसे ऐसा कंटेंट दिखा जिसमें दौलत, महंगी कारें, बड़े घर और लग्जरी लाइफस्टाइल दिखाई गई थी। उसने बताया कि रील्स से पता चला कि संपर्क करके पैसे कमाए जा सकते हैं।
  • युवक के मुताबिक, दो बार उससे नॉर्मल बातचीत की गई। फिर तीसरी बातचीत एक ग्रुप कॉल थी, लेकिन मुझे म्यूट कर दिया गया था। कॉल पर 4 लोग थे, लेकिन मुझे सिर्फ एक नाम याद है आबिद जट्ट।
  • वो हमें कोई टास्क देने वाले थे, लेकिन उससे पहले ही स्थानीय स्पेशल ऑपरेशन्स ग्रुप (SOG) ने हिरासत में लिया। इसके बाद गुजरात ATS के सामने पेश किया गया।

शहजाद भट्टी नेटवर्क के 40 से ज्यादा मॉड्यूल का सफाया

सोमवार को गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल के कारण शहजाद भट्टी नेटवर्क के 40 से ज़्यादा मॉड्यूल को खत्म किया गया है। यह नेटवर्क हथियारों, विस्फोटकों और नशीले पदार्थों की सीमा-पार तस्करी में शामिल था। उन्होंने बताया कि 15 राज्यों में 100 से ज्यादा FIR दर्ज की गईं और 350 लोगों को गिरफ़्तार किया गया। केंद्र सरकार ने शहज़ाद भट्टी नेटवर्क को 'गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम' (UAPA) के तहत आतंकवादी संगठन घोषित किया है।