निर्वासन के बाद पहली बार मीडिया के सामने आईं बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना प्रेस कॉन्फ्रेंस में भावुक हो गईं। उन्होंने 2024 के छात्र आंदोलन, बांग्लादेश की मौजूदा स्थिति और अपने परिवार को लेकर कई बड़े दावे किए। उनके बेटे साजीब वाजेद ने भी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए।
लगभग एक साल बाद पहली बार बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना सार्वजनिक रूप से मीडिया के सामने आईं। नई दिल्ली से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने बांग्लादेश के मौजूदा हालात, 2024 के छात्र आंदोलन, अपने निर्वासन और राजनीतिक घटनाक्रम पर विस्तार से अपनी बात रखी। संबोधन के दौरान वह कई बार भावुक हुईं और अपने परिवार के सदस्यों को याद करते हुए उनकी आंखें नम हो गईं।
शेख हसीना ने कहा कि आज का बांग्लादेश उस देश से बिल्कुल अलग है, जिसके लिए 1971 के मुक्ति संग्राम में लाखों लोगों ने बलिदान दिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्र आंदोलन की आड़ में संगठित समूहों ने हिंसा और सत्ता परिवर्तन की रणनीति अपनाई।
'मैं सिर्फ पूर्व प्रधानमंत्री नहीं, राष्ट्रपिता की बेटी के तौर पर बोल रही हूं'
नई दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान शेख हसीना ने कहा कि वह केवल एक पूर्व प्रधानमंत्री के रूप में नहीं, बल्कि बांग्लादेश के राष्ट्रपिता शेख मुजीबुर रहमान की बेटी के रूप में अपनी बात रख रही हैं।
उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों में उन्होंने अपने देश को कठिन दौर से गुजरते देखा है। उनके मुताबिक, यह वही बांग्लादेश नहीं है, जिसके निर्माण के लिए लाखों लोगों ने अपना जीवन न्योछावर किया था।
अपने संबोधन में उन्होंने दावा किया कि 2024 में शुरू हुआ छात्र आंदोलन पूरी तरह स्वतःस्फूर्त नहीं था। उनके अनुसार, कुछ संगठित समूहों ने छात्रों की मांगों को राजनीतिक हिंसा में बदलने की कोशिश की और इसका इस्तेमाल सत्ता परिवर्तन के लिए किया।
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छात्र आंदोलन और हिंसा पर उठाए सवाल
पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने शुरुआत से ही बातचीत, कानूनी प्रक्रिया और धैर्य के जरिए हालात को संभालने की कोशिश की थी। हालांकि, उनके अनुसार आंदोलन के दौरान पुलिस थानों, सरकारी इमारतों, मेट्रो रेल स्टेशनों, फ्लाईओवर और विश्वविद्यालय परिसरों पर हमले हुए तथा सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब पुलिस स्टेशनों में आग लगाई जाए, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया जाए और लोगों की जान खतरे में हो, तब कानून-व्यवस्था बनाए रखने वाली एजेंसियों की जिम्मेदारी क्या होनी चाहिए।
शेख हसीना ने यह भी आरोप लगाया कि उनके दल आवामी लीग के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं पर हमले हुए, अनेक लोग लापता हुए और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता प्रभावित हुए। उन्होंने दावा किया कि उनके खिलाफ 600 से अधिक मामले दर्ज किए गए हैं।
परिवार को याद कर हुईं भावुक
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान शेख हसीना अपने परिवार को याद करते हुए भावुक हो गईं। उन्होंने कहा कि वर्ष 1975 में उन्होंने अपने परिवार को खो दिया था और उसके बाद उन्हें छह वर्षों तक निर्वासन में रहना पड़ा।
उन्होंने कहा कि देश से दूर रहने के बावजूद उनका रिश्ता बांग्लादेश के लोगों से कभी नहीं टूटा। उनके अनुसार, पिछले दो वर्षों में उन्होंने अपने देश में भय और असुरक्षा का माहौल बढ़ते देखा है।
बेटे साजीब वाजेद ने भी सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
प्रेस कॉन्फ्रेंस में शेख हसीना के बेटे साजीब वाजेद ने भी मौजूदा बांग्लादेश सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि देश में राजनीतिक हिंसा बढ़ी है और कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
साजीब वाजेद ने यह भी आरोप लगाया कि कई राजनीतिक कार्यकर्ताओं, पत्रकारों और संपादकों को निशाना बनाया गया है। साथ ही उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मीडिया से बांग्लादेश की स्थिति पर लगातार ध्यान बनाए रखने की अपील की।
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