शहनाज़ ट्रेज़री का कौन-सा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ और उसमें उन्होंने क्या कहा? भारत और श्रीलंका की साफ-सफाई की तुलना पर लोगों की क्या प्रतिक्रियाएं सामने आईं? कुछ लोगों ने भारत और श्रीलंका की तुलना को गलत क्यों बताया?

जकल सोशल मीडिया के ज़माने में दूसरे देशों के छोटे-छोटे वीडियो भी तेज़ी से वायरल हो जाते हैं। ट्रैवलर्स अक्सर अपने देश के अनुभवों की तुलना दूसरे देशों से करते हैं और ये वीडियो सोशल मीडिया पर खूब पसंद किए जाते हैं। हाल ही में ऐसा ही एक वीडियो ज़बरदस्त वायरल हुआ। ये वीडियो है शहनाज़ ट्रेज़री का, जिन्होंने अपने ट्रैवल व्लॉग में भारत और श्रीलंका की साफ-सफाई और सिविक सेंस (नागरिक बोध) की तुलना की। उनके इस वीडियो ने सोशल मीडिया पर एक बड़ी बहस शुरू कर दी है। इस वीडियो को अब तक 38 लाख से ज़्यादा लोग देख चुके हैं।

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भारत में गंदगी पर उठाए सवाल

यह वीडियो श्रीलंका के एक लोकल रेलवे स्टेशन 'एला' का था। स्टेशन पर घूमते हुए शहनाज़ ने जो कहा, उसी की वजह से वीडियो इतना वायरल हो गया। श्रीलंका और भारत के टूरिस्ट स्पॉट्स की तुलना करते हुए उन्होंने कहा, 'चलिए सच का सामना करते हैं। हम दुनिया के सबसे गंदे देश हैं।'

इसके बाद तो वीडियो पर कमेंट्स की बाढ़ आ गई। कुछ लोगों ने शहनाज़ की तीखी आलोचना की, तो कई लोगों ने उनकी बात का समर्थन भी किया। कुछ यूज़र्स ने माना कि भारत में सिविक सेंस की भारी कमी है। वहीं, कुछ का कहना था कि इस तरह की तुलना का कोई आधार नहीं है। इस वीडियो के बाद भारत में साफ-सफाई, टूरिज़्म और सिविक सेंस को लेकर सोशल मीडिया पर बड़ी बहस छिड़ गई।

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सिविक सेंस की कमी

कई लोगों ने इस बात पर ज़ोर दिया कि भारत के शहर और टूरिस्ट स्पॉट्स गंदगी की समस्या से जूझ रहे हैं। कुछ इलाकों को छोड़ दें तो ज़्यादातर टूरिस्ट जगहों पर सफाई की कमी है। वहीं, कई लोगों ने सार्वजनिक जगहों को साफ रखने और बेहतर सिविक सेंस के लिए श्रीलंका की तारीफ की।

शहनाज़ ने वीडियो में भारत में टूरिज़्म और सफाई पर खर्च होने वाले पैसे का भी ज़िक्र किया। बता दें कि श्रीलंका अपनी खूबसूरत ट्रेन यात्राओं और बैकपैकर टूरिज़्म के लिए मशहूर है। वीडियो में दिख रहा एला रेलवे स्टेशन भी एक टूरिस्ट स्पॉट है। वीडियो में टूरिस्ट स्टेशन पर घूमते और फोटो खींचते नज़र आ रहे हैं और माहौल काफी शांत और साफ-सुथरा है। हालांकि, यह भी ध्यान देने वाली बात है कि स्टेशन पर कोई भी स्थानीय नागरिक नहीं दिख रहा था। कुछ लोगों ने इसी अंतर की ओर इशारा करते हुए कहा कि भारत और श्रीलंका की तुलना करते समय दोनों देशों की विशाल जनसंख्या के अंतर को भी ध्यान में रखना चाहिए।