केतन अग्रवाल मर्डर केस की FIR में सिया गोयल और चेतन चौधरी पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पुलिस जांच जारी है और मामले की सच्चाई अब जांच व अदालत के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी।

Ketan Agrawal Murder Case: पुणे के ऐतिहासिक लोहागढ़ किले की एक गहरी खाई से बरामद हुई केतन अग्रवाल की लाश ने एक ऐसे खौफनाक मर्डर केस का पर्दाफाश किया है, जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। जिसे शुरुआत में पैर फिसलने से हुआ एक दर्दनाक हादसा माना जा रहा था, वह अब ठंडे दिमाग से रची गई एक खूनी साजिश (Cold-blooded murder) बनकर सामने आई है। केतन अग्रवाल के पिता विशाल देवीचंद अग्रवाल द्वारा 23 जून को दर्ज कराई गई FIR के बाद, पुलिस ने इस मामले में मृतक की मंगेतर सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस के अनुसार जांच अभी शुरुआती चरण में है, लेकिन एफआईआर में दर्ज आरोपों ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर लोहागढ़ किले की उस पहाड़ी पर ऐसा क्या हुआ कि कुछ ही मिनटों में एक होने वाले दूल्हे की जिंदगी खत्म हो गई?

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बाली ट्रिप रद्द होने से बदला व्यवहार: सगाई के बाद का वो 'अजीब' बदलाव

FIR के मुताबिक, केतन और सिया की सगाई इसी साल फरवरी में धूमधाम से हुई थी। दोनों की जिंदगी सामान्य चल रही थी और उन्होंने 6 जून को अपने प्री-वेडिंग शूट के लिए इंडोनेशिया के बाली जाने का एक भव्य प्लान बनाया था। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था; केतन अग्रवाल को समय पर पासपोर्ट नहीं मिल सका और यह ट्रिप कैंसिल करनी पड़ गई। बाली ट्रिप रद्द होने के बाद से ही सिया के व्यवहार में एक अजीब और डरावना बदलाव आने लगा। वह छोटी-छोटी बातों पर केतन से झगड़ने लगी और गुस्सा करने लगी। केतन ने हाल ही में अपने परिवार को सिया के इस बदलते रवैए के बारे में बताया था, लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि इस गुस्से के पीछे कोई गहरी साजिश छिपी है।

4 जून की अधूरी हसरत और 17 जून की आधी रात का वो रहस्यमयी फोन कॉल

दोनों के बीच विवाद और ज्यादा तब बढ़ गया जब 4 जून को तय की गई लोहागढ़ किले की यात्रा किसी कारणवश पूरी नहीं हो सकी। सिया इस बात से बेहद नाराज थी और लगातार केतन पर लोहागढ़ जाने का दबाव बना रही थी। साजिश को अंजाम देने के लिए सिया ने 17 जून की आधी रात को WhatsApp पर केतन को कॉल किया। उसने बहाना बनाया कि दो दिन बाद उसका जन्मदिन है और वह इसे लोहागढ़ किले में मनाना चाहती है। केतन की मां राखी अग्रवाल ने शुरू में मौसम और सुरक्षा का हवाला देकर इस सफर के लिए साफ मना कर दिया था। लेकिन सिया ने हार नहीं मानी; उसने सीधे केतन की मां से बात की और उन्हें किसी तरह इस बात के लिए मना लिया कि वह केतन को अपने साथ जाने दें।

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10:45 बजे की वो खौफनाक कॉल: 'आंटी, केतन खाई में गिर गया है...'

18 जून की सुबह केतन अग्रवाल अपने घर से बेहद खुश होकर निकले। उन्होंने पुणे-मुंबई हाईवे पर स्थित किवाले ब्रिज से सिया गोयल को अपनी गाड़ी में बिठाया और दोनों लोहागढ़ किले की ओर चल दिए। लेकिन सफर शुरू होने के कुछ ही घंटों बाद, सुबह 10:45 बजे केतन की मां के फोन की घंटी बजी। दूसरी तरफ सिया गोयल थी, जो रोते और घबराते हुए बोल रही थी कि केतन का पैर फिसल गया है और वह गलती से गहरी खाई में गिर गया है। स्थानीय लोगों और पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद केतन को खाई से बाहर निकाला और अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

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मौत का वो स्पॉट: पैर फिसलने का ड्रामा और आशिक 'चेतन' की एंट्री

21 जून को जब केतन के पिता विशाल अग्रवाल, उनके दोस्त नवदीप जिंदल और तरुण मित्तल के साथ उस पहाड़ी पर पहुंचे जहां से केतन गिरा था, तो उनके होश उड़ गए। पहाड़ी की भौगोलिक स्थिति को देखकर साफ था कि वहां से किसी का भी पैर गलती से फिसलना नामुमकिन था। इसके बाद जब परिवार ने छानबीन की तो पता चला कि सिया का फोन अक्सर व्यस्त रहता था और वह लगातार अपने एक दोस्त 'चेतन चौधरी' के संपर्क में थी। परिवार का आरोप है कि सिया और चेतन के बीच रोमांटिक रिश्ता था और केतन उनकी राह का सबसे बड़ा रोड़ा बन चुका था। इसी रोड़े को हटाने के लिए सिया और चेतन ने मिलकर केतन को मौत के घाट उतारने का फैसला किया।

10 घंटे की मैराथन पूछताछ: क्या बेनकाब होंगे गुनहगार?

लोनावला ग्रामीण पुलिस स्टेशन के अधिकारी गजानन टोम्पे ने बताया कि मामले की जांच के लिए पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में कई विशेष टीमों का गठन किया गया है। पुलिस ने कल ही सिया गोयल के छोटे भाई साहिल गोयल से लगभग 10 घंटे तक कड़ी पूछताछ की है, जिससे कई अहम सुराग हाथ लगे हैं। आज पुलिस ने पूछताछ के लिए सिया के माता-पिता को भी तलब किया है। पुलिस का कहना है कि जांच अभी शुरुआती चरण में है, लेकिन जल्द ही इस मर्डर मिस्ट्री के हर एक किरदार का सच दुनिया के सामने ला दिया जाएगा।

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अब सबसे बड़ा सवाल…हादसा या साजिश?

लोहागढ़ किले की ऊंचाई, परिवार के आरोप, एफआईआर में दर्ज कथित घटनाक्रम और पुलिस की लगातार जांच—इन सबने इस मामले को देश के सबसे चर्चित मामलों में शामिल कर दिया है। अब सभी की नजर पुलिस की अंतिम जांच रिपोर्ट और फोरेंसिक साक्ष्यों पर टिकी है। यही तय करेगा कि यह वास्तव में एक दुर्घटना थी या फिर सुनियोजित हत्या की कहानी, जैसा कि एफआईआर में आरोप लगाया गया है।

केतन अग्रवाल मर्डर केस: FIR की 10 सबसे मजबूत और अहम बातें

केतन के पिता विशाल देवीचंद अग्रवाल द्वारा दर्ज कराई गई FIR में छिपे वे 10 सबसे बड़े सबूत और बिंदु, जिन्होंने इस पूरे हादसे को सोची-समझी हत्या में बदल दिया:

  1. सगाई और बाली ट्रिप का कैंसिल होना: फरवरी में दोनों की सगाई हुई थी और 6 जून को बाली में प्री-वेडिंग शूट का प्लान था, जो केतन का पासपोर्ट न आने से रद्द हो गया।
  2. मंगेतर सिया का अजीब व्यवहार: ट्रिप रद्द होने के बाद से सिया का व्यवहार केतन के प्रति अजीब हो गया था, वह छोटी बातों पर झगड़ने लगी थी।
  3. लोहागढ़ किले पर जाने की अजीब ज़िद: 4 जून को यात्रा न हो पाने के बाद से सिया लगातार केतन पर लोहागढ़ किला जाने का दबाव बना रही थी।
  4. जन्मदिन का बहाना और लेट नाइट WhatsApp कॉल: 17 जून की रात सिया ने अपने जन्मदिन का बहाना बनाकर केतन को अगले ही दिन किले पर चलने के लिए मनाया।
  5. मां राखी अग्रवाल को झांसे में लेना: केतन की मां ने शुरू में इस यात्रा के लिए मना किया था, लेकिन सिया ने सीधे उनसे बात कर उनका मन बदल दिया।
  6. किवाले ब्रिज से आखिरी सफर: 18 जून की सुबह केतन घर से निकले और पुणे-मुंबई हाईवे पर किवाले ब्रिज से सिया को पिक किया।
  7. सुबह 10:45 बजे की रहस्यमयी कॉल: यात्रा शुरू होने के कुछ ही देर बाद सिया ने केतन की मां को फोन कर बताया कि केतन गलती से खाई में गिर गया है।
  8. हादसा होना नामुमकिन: 21 जून को पिता विशाल, दोस्त नवदीप जिंदल और तरुण मित्तल के साथ जब घटना स्थल पर गए, तो पाया कि वहां से गलती से पैर फिसलने की संभावना न के बराबर थी।
  9. फोन का व्यस्त रहना और 'चेतन चौधरी' का एंगल: सिया का फोन लगातार व्यस्त रहता था और वह अक्सर अपने दोस्त चेतन चौधरी का जिक्र करती थी, जिससे दोनों के अफेयर का शक गहराया।
  10. रास्ते का रोड़ा हटाने की साज़िश: FIR में सीधा आरोप है कि सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी ने केतन को रास्ते से हटाने के लिए उसे पहाड़ की चोटी से धक्का देकर मार डाला।