Trending News: चार घंटे तक ज़हरीले सांप के साथ बिस्तर पर पड़ा रहा लकवाग्रस्त बुजुर्ग, फिर कैसे बची जान? जब मौत हाथ पकड़कर बैठी थी, तब आखिर बुजुर्ग ने ऐसा क्या किया कि सांप ने नहीं काटा? खिड़की से कमरे में घुसा ज़हरीला सांप, हाथ से लिपटा रहा पूरी रात…आगे क्या हुआ?

कहते हैं कि मौत कब, किस रूप में आ जाए, कोई नहीं जानता। लेकिन कभी-कभी मौत बिल्कुल सामने खड़ी होती है, फिर भी किस्मत की वजह से इंसान बच निकलता है। ऐसी ही एक हैरान और रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक लकवाग्रस्त बुजुर्ग करीब चार घंटे तक एक ज़हरीले सांप के साथ मौत के साये में रहे और फिर चमत्कारिक रूप से बच गए।

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खिड़की से कमरे में घुसी मौत

यह घटना ओडिशा के बौध जिले के अडेनीगढ़ गांव की है। कृष्ण चंद्र साहू नाम के एक बुजुर्ग पिछली रात अपने कमरे में सो रहे थे। कमरे की खिड़की खुली हुई थी, जहां से एक ज़हरीला सांप सीधे साहू के बिस्तर पर आ पहुंचा। नींद में ही उन्हें महसूस हुआ कि उनके शरीर पर कुछ रेंग रहा है। जब उन्होंने आंखें खोलीं, तो सामने का नज़ारा देखकर उनके होश उड़ गए।

बेबसी ऐसी कि हिल भी नहीं सकते थे

कृष्ण चंद्र साहू कुछ समय पहले लकवे (Paralysis) का शिकार हो गए थे। इस वजह से न तो वो ठीक से अपने हाथ-पैर हिला सकते थे और न ही मदद के लिए ज़ोर से चिल्ला सकते थे। उन्होंने डर के मारे थोड़ा सा खिसकने की कोशिश की, तो सांप ने कसकर उनका एक हाथ जकड़ लिया। सांप का बाकी शरीर पास में रखी कुर्सी पर था। अगर वो ज़रा भी ज़ोर से हिलते या चिल्लाते, तो सांप का काटना लगभग तय था। लेकिन साहू ने मौत को इतने करीब देखकर भी हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने सांस रोककर करीब चार घंटे तक मूर्ति की तरह बिना हिले-डुले रात गुज़ारी।

सुबह होते ही घरवाले रह गए सन्न

सुबह जब घरवाले उनके कमरे में आए, तो वहां का मंज़र देखकर दंग रह गए। उन्होंने देखा कि साहू के हाथ और कुर्सी से एक सांप लिपटा हुआ है। यह देखकर उन्होंने चिल्लाने की बजाय बहुत संयम से काम लिया। वो जानते थे कि सांप को छेड़ने पर वो साहू को काट सकता है। इसलिए, घर के लोगों ने बड़ी सावधानी से, बिना सांप को कोई नुकसान पहुंचाए, उसे साहू के हाथ से अलग करने में कामयाबी हासिल की।

बिना एक भी डंक के बची जान

घंटों तक ज़हरीले सांप की गिरफ्त में रहने के बावजूद, बुजुर्ग को एक भी खरोंच नहीं आई। यह बात डॉक्टरों को भी हैरान कर रही है। आमतौर पर, सांप हिलती-डुलती चीज़ों पर हमला करते हैं। लेकिन माना जा रहा है कि लकवे की वजह से साहू का शरीर एकदम स्थिर था और शायद इसी वजह से उनकी जान बच गई। फिलहाल, साहू शारीरिक रूप से तो ठीक हैं, लेकिन उन चार घंटों की खौफनाक याद से अब भी बाहर नहीं आ पाए हैं। यह चमत्कारी घटना अब पूरे जिले में चर्चा का विषय बनी हुई है।