रातों-रात ढह गई सीमा और अचानक खुल गया मौत का मुहाना! मोरक्को से हजारों प्रवासियों की अचानक स्पेन के सेउटा में एंट्री, बॉर्डर पर अफरा-तफरी और नेशनल इमरजेंसी की मांग... जानिए आखिर इस असाधारण घटनाक्रम के पीछे क्या वजह है?

Spain Ceuta Crisis: उत्तरी अफ्रीका के तट पर बसे स्पेन के एक छोटे से एक्सक्लेव (इलाके) सेउटा (Ceuta) में गुरुवार को जो कुछ भी हुआ, उसने पूरी दुनिया को सन्न कर दिया है। मोरक्को की सीमा से अचानक उठे इंसानी सैलाब ने स्पेनिश सीमा को इस कदर नेस्तनाबूत कर दिया कि स्थानीय अधिकारियों के हाथ-पैर फूल गए। 'पूरी तरह अफ़रा-तफ़री' और दहशत के बीच, हजारों की तादाद में माइग्रेंट्स (प्रवासी) स्पेनिश सरजमीं में दाखिल हो गए। हालात इस कदर बेकाबू हो चुके हैं कि सेउटा के स्थानीय प्रशासन ने घबराकर मैड्रिड (स्पेन सरकार) से नेशनल इमरजेंसी घोषित करने और बॉर्डर पर सेना (आर्मी) उतारने की गुहार लगा दी है।

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द ताराजल ब्रीच: क्या जानबूझकर खोला गया था मौत का मुहाना?

गुरुवार की सुबह जब आम लोग सोकर उठे भी नहीं थे, तभी ताराजल बॉर्डर पर एक ऐसी रहस्यमयी घटना घटी जिसने सबको चौंका दिया। उत्तरी मोरक्को में 'मोरक्कन एसोसिएशन फॉर ह्यूमन राइट्स' के सदस्य अचरफ मैमौनी ने इस स्थिति को बेहद ''असाधारण'' बताते हुए एक बड़ा खुलासा किया। उन्होंने कहा, ''आज सुबह बेहद अजीब और रहस्यमयी हालात में ताराजल बॉर्डर को अचानक खोल दिया गया और लोगों की भारी भीड़ बिना किसी रोक-टोक के क्रॉस कर गई।''

  • सड़कों पर चारों तरफ चीख-पुकार मच गई। बॉर्डर पर पुलिसिंग करने वाले संगठन के मुखिया राचिद सबीही ने कांपती आवाज में कहा, "हालात पूरी तरह नियंत्रण से बाहर और अफ़रा-तफ़री वाले हैं। पक्की संख्या बताना नामुमकिन है, लेकिन हजारों लोग बॉर्डर पार कर रहे हैं। हमारा बॉर्डर पूरी तरह से टूट चुका है।"
  • सड़कों पर घूम रहे प्रवासियों में ज्यादातर मोरक्को के युवा लड़के थे, लेकिन कुछ महिलाएं और मासूम बच्चे भी शामिल थे जो बदहवास होकर भाग रहे थे। एसोसिएटेड प्रेस के कैमरों को देखकर कुछ प्रवासियों ने चिल्लाना शुरू किया-"विवा एस्पाना!" (स्पेन जिंदाबाद!)। लेकिन सवाल अब भी वही बना हुआ है: आखिर रातों-रात ऐसा क्या हुआ कि हजारों लोग एक साथ मौत का खेल खेलने निकल पड़े?

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आखिर अचानक क्यों खुल गया रास्ता?

उत्तरी मोरक्को के मानवाधिकार कार्यकर्ता अचरफ मैमौनी ने इस घटनाक्रम को "असाधारण" बताते हुए कहा कि सुबह अचानक ताराजल सीमा पार करने का रास्ता खुल गया और बड़ी संख्या में लोग स्पेनिश क्षेत्र में पहुंच गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार अधिकांश प्रवासी युवा पुरुष थे, लेकिन महिलाओं और बच्चों वाले परिवार भी बड़ी संख्या में दिखाई दिए। कई लोगों ने स्पेन पहुंचने के बाद खुशी जाहिर करते हुए "वीवा एस्पाना" के नारे भी लगाए।

समंदर में तैरती लाशें और सुप्रीम कोर्ट का वो रहस्यमयी फैसला

यह खौफनाक सैलाब अचानक नहीं आया था। बुधवार को ही इसके संकेत मिल गए थे जब सैकड़ों माइग्रेंट्स मोरक्को के फनीडेक शहर से करीब 3.1 मील (5 किलोमीटर) का खतरनाक समुद्री रास्ता तैरकर सेउटा पहुंचने की कोशिश कर रहे थे। एक्टिविस्ट्स के मुताबिक, बुधवार को समंदर के रास्ते आने की कोशिश में कम से कम तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी, जिनकी लाशें पानी पर तैरती मिलीं। इस अचानक आई बाढ़ जैसी स्थिति को स्पेनिश सुप्रीम कोर्ट के एक हालिया फैसले से जोड़कर देखा जा रहा है। 

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क्या सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने बढ़ा दिया दबाव?

सेउटा प्रशासन का मानना है कि हाल ही में स्पेन के सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले के बाद यह स्थिति और गंभीर हुई, जिसमें समुद्र के रास्ते पहुंचने वाले प्रवासियों को बिना उचित कानूनी प्रक्रिया अपनाए तुरंत वापस भेजने पर रोक लगाई गई थी। हालांकि मोरक्को के कई मानवाधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि अधिकांश प्रवासियों को ऐसे कानूनी फैसलों की जानकारी ही नहीं होती, इसलिए इस फैसले को मौजूदा संकट की एकमात्र वजह नहीं माना जा सकता।

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रबात बनाम मैड्रिड: क्या 2021 जैसा संकट फिर लौट आया?

सेउटा के क्षेत्रीय प्रमुख जुआन जीसस विवास ने चेतावनी दी है कि रिसेप्शन सेंटर पूरी तरह भर चुके हैं और सैकड़ों लोग सड़कों पर सोने को मजबूर हैं। यह पूरा मंजर मई 2021 के उस ऐतिहासिक बॉर्डर संकट की याद दिलाता है, जब महज दो दिनों में 8,000 से ज्यादा प्रवासी घुस आए थे। उस वक्त मोरक्को पर आरोप लगा था कि उसने स्पेन से बदला लेने के लिए जानबूझकर बॉर्डर ढीला कर दिया था, क्योंकि स्पेन ने मोरक्को के कट्टर दुश्मन यानी पोलिसारियो फ्रंट के लीडर ब्राहिम घाली का अपने अस्पताल में इलाज कराया था। पोलिसारियो फ्रंट दशकों से पश्चिमी सहारा पर मोरक्को के कब्जे का विरोध कर रहा है। क्या इस बार भी परदे के पीछे कोई बड़ी डिप्लोमैटिक साजिश चल रही है?

क्या टाला जा सकेगा आने वाला महा-संकट?

हालांकि स्पेन के होम मिनिस्ट्री ने नेशनल इमरजेंसी लगाने से यह कहकर साफ इनकार कर दिया है कि प्रवासियों का आना राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा नहीं माना जा सकता, लेकिन आंतरिक मंत्री फर्नांडो ग्रांडे-मार्लास्का शुक्रवार को खुद सेउटा पहुंचकर हालात का जायजा लेंगे। दोनों देश अब अवैध रूप से घुसे प्रवासियों को वापस भेजने के लिए आपसी सहयोग का दावा कर रहे हैं। 1580 से स्पेन के कब्जे वाले इस ऐतिहासिक मुहाने पर लगी कटीली बाड़ आज फिर दो देशों के रिश्तों और इंसानी मजबूरी के बीच एक मूक गवाह बनकर खड़ी है।

क्या यूरोप की सीमा पर संकट और गहराएगा?

स्पेन के गृह मंत्री फर्नांडो ग्रांडे-मार्लास्का हालात का जायजा लेने के लिए सेउटा पहुंचने वाले हैं। उधर, स्पेन और मोरक्को दोनों सरकारें सीमा पर नियंत्रण बहाल करने और अवैध प्रवेश रोकने के लिए संयुक्त रणनीति पर काम कर रही हैं।

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