Election Commission of India: चीफ जस्टिस की अगुवाई वाली बेंच ने साफ किया है कि नए वोटर रजिस्ट्रेशन के लिए फॉर्म 6 में किए गए बदलावों को सुप्रीम कोर्ट ने मंजूरी नहीं दी है।

Supreme Court Election Commission: नए मतदाताओं के पंजीकरण के लिए इस्तेमाल होने वाले फॉर्म 6 में किए गए बदलावों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने अहम टिप्पणी की है। मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ ने स्पष्ट किया कि अदालत ने इन बदलावों को मंजूरी नहीं दी थी। कोर्ट के मुताबिक, बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से जुड़े मामले में फैसला सुनाते समय इन नई शर्तों पर चर्चा नहीं हुई थी।

फॉर्म 6 में बदलावों पर सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?

सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि उसने नए फॉर्म 6 को न तो मंजूरी दी है और न ही खारिज किया है। अदालत ने कहा कि फॉर्म में किए गए बदलावों की प्रक्रिया और उनके आधार की जांच की जाएगी। इसके लिए केंद्रीय चुनाव आयोग को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।

अदालत यह जानना चाहती है कि फॉर्म में नई शर्तें किसके निर्देश पर जोड़ी गईं और इसके पीछे क्या आधार था। कोर्ट के अनुसार, बिहार SIR मामले में फैसला आने के समय ये शर्तें लागू नहीं थीं। फॉर्म में बदलाव फैसले के बाद किए गए।

नए वोटर रजिस्ट्रेशन में क्या बदला?

विवाद नए मतदाताओं के पंजीकरण के लिए इस्तेमाल होने वाले फॉर्म 6 में जोड़ी गई अतिरिक्त शर्तों को लेकर है। संबंधित जानकारी के मुताबिक, नए प्रावधानों के तहत आवेदकों को एक अतिरिक्त हलफनामा देना होगा। इसमें माता-पिता की पुरानी मतदाता सूची से जुड़ी जानकारी या वर्ष 2002 की वोटर लिस्ट से संबंध साबित करने से जुड़ी जानकारी मांगे जाने का मुद्दा शामिल है।

इन शर्तों को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि इन्हें किस आधार पर लागू किया गया और क्या बिहार SIR मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले में ऐसा कोई निर्देश दिया गया था।

चुनाव आयोग से मांगा गया जवाब

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्रीय चुनाव आयोग से फॉर्म 6 में किए गए बदलावों पर स्पष्टीकरण मांगा है। अदालत यह जांच करेगी कि नए नियम किस प्रक्रिया के तहत लागू किए गए और क्या उन्हें लागू करने के लिए किसी न्यायिक निर्देश का हवाला दिया गया था।

इस मामले में अदालत की टिप्पणी महत्वपूर्ण है, क्योंकि फॉर्म 6 नए मतदाताओं के पंजीकरण की प्रक्रिया का हिस्सा है। ऐसे में इसमें किए गए बदलावों का असर नए मतदाताओं से जुड़ी प्रक्रियाओं पर पड़ सकता है।

27 अक्टूबर को फिर होगी सुनवाई

फॉर्म 6 में बदलावों से संबंधित याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट अब 27 अक्टूबर को दोबारा सुनवाई करेगा। इसी दौरान केंद्रीय चुनाव आयोग से जुड़े अन्य अहम मामलों पर भी सुनवाई प्रस्तावित है। अब इस मामले में चुनाव आयोग के जवाब और अदालत की आगे की टिप्पणियों पर नजर रहेगी। सुनवाई के बाद ही स्पष्ट होगा कि फॉर्म 6 में किए गए बदलावों को लेकर अदालत क्या रुख अपनाती है।