मोदी-शाह के खिलाफ नारे, वायरल वीडियो के बाद JNU विवाद में कूदे तेज प्रताप यादव
जेएनयूमें पीएम मोदी और अमित शाह के खिलाफ लगे विवादित नारों पर तेज प्रताप यादव का बयान सामने आया है। उन्होंने छात्रों से संयम बरतने की अपील की। नारेबाजी का वीडियो वायरल होने के बाद भाजपा और कांग्रेस के बीच सियासी घमासान तेज हो गया है।

जेएनयू नारेबाजी पर तेज प्रताप यादव का सख्त रुख, बोले– प्रधानमंत्री के लिए ऐसी भाषा ठीक नहीं
देश की राजनीति में अक्सर अपने बयानों को लेकर चर्चा में रहने वाले लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव इस बार एक अलग वजह से सुर्खियों में हैं। जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ लगे विवादित नारों पर उन्होंने कड़ी आपत्ति जताई है और छात्रों से संयम बरतने की अपील की है।
जेएनयू नारेबाजी पर तेज प्रताप की प्रतिक्रिया
मंगलवार को तेज प्रताप यादव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के साथ खड़े नजर आए। इस दौरान उन्होंने जेएनयू में हुए प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस तरह की नारेबाजी नासमझी है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि प्रधानमंत्री के लिए इस तरह की भाषा का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए। तेज प्रताप यादव ने कहा कि युवा देश का भविष्य हैं और छात्रों को अपनी बात मर्यादित तरीके से रखनी चाहिए। उन्होंने यह भी जोड़ा कि जो भी कार्रवाई हो रही है, उस पर सरकार नजर रखे हुए है।
क्या है पूरा मामला
सुप्रीम कोर्ट द्वारा उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद जेएनयू छात्र संघ की ओर से सोमवार रात साबरमती हॉस्टल के बाहर प्रदर्शन किया गया। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ विवादित नारे लगाए गए। नारेबाजी का करीब 35 सेकेंड का वीडियो मंगलवार को सामने आया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में छात्र ‘मोदी-शाह की कब्र खुदेगी, जेएनयू की धरती पर’ जैसे नारे लगाते और गाते नजर आ रहे हैं।
भाजपा का कांग्रेस पर आरोप
इस पूरे मामले को लेकर भाजपा ने कांग्रेस पर निशाना साधा है। भाजपा का आरोप है कि जेएनयू में लगाए गए नारों को राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी का वैचारिक समर्थन प्राप्त है। पार्टी का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद कांग्रेस नेताओं का उमर खालिद और शरजील इमाम के समर्थन में सामने आना और फिर इस तरह की नारेबाजी होना गंभीर सवाल खड़े करता है। भाजपा ने कांग्रेस से पूछा है कि क्या वह प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के खिलाफ लगाए गए इन नारों का समर्थन करती है।
सियासी बयानबाजी तेज
जेएनयू नारेबाजी को लेकर देश की राजनीति गरमा गई है। जहां एक ओर तेज प्रताप यादव जैसे नेता छात्रों से संयम और मर्यादा बनाए रखने की बात कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर राजनीतिक दल एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप में जुटे हैं। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक हलचल और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।

