तेलंगाना के रंगा रेड्डी में खौफनाक हत्याकांड! जमानत पर बाहर आए राजकुमार पर पत्नी, बच्चों और POCSO केस दर्ज कराने वाली लड़की समेत 5 लोगों की हत्या का आरोप, पुलिस तलाश में जुटी।

हैदराबाद: तेलंगाना के रंगा रेड्डी जिले से एक ऐसा रूह कंपा देने वाला मामला सामने आया है, जिसने कानून व्यवस्था और सामाजिक सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। छेड़छाड़ के मामले में कोर्ट से अग्रिम ज़मानत पर छूटकर बाहर आए एक 35 वर्षीय शख्स ने प्रतिशोध की आग में अंधा होकर एक ही रात में छह जिंदगियां खत्म कर दीं। आरोपी ने न सिर्फ अपनी पत्नी और दो मासूम बच्चों को सोते समय बेरहमी से मार डाला, बल्कि उस नाबालिग लड़की और उसके पूरे परिवार को भी खत्म कर दिया, जिसने उसके खिलाफ यौन उत्पीड़न की शिकायत दर्ज कराई थी। इस सामूहिक हत्याकांड के बाद से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है।

आधी रात का खूनी खेल: सोते हुए मासूमों पर काल बनकर टूटा पिता

दिल दहला देने वाली यह वारदात शुक्रवार रात शाबाद इलाके में स्थित आरोपी राजकुमार के घर से शुरू हुई। 2018 में प्रेम विवाह करने वाले राजकुमार और उसकी 30 वर्षीय पत्नी पार्वती सरिता के बीच वैसे तो कोई बड़ा विवाद नहीं था, लेकिन राजकुमार के दिमाग में कुछ और ही खौफनाक साजिश चल रही थी। रात के सन्नाटे में जब उसकी पत्नी और दो मासूम बेटे (उम्र 4 साल और 1 साल) गहरी नींद में सो रहे थे, तब राजकुमार काल बनकर उन पर टूट पड़ा। रिश्तेदारों के मुताबिक, कमरे के दरवाजे अंदर से बंद थे और पंखा व कूलर चल रहे थे। बच्चों की लाशों को देखकर लग रहा था कि उन्हें नींद में ही मौत के घाट उतार दिया गया, जबकि पत्नी पार्वती के शव वाले कमरे में हिंसक संघर्ष के निशान मिले हैं, जिससे साफ है कि उसने अपनी और बच्चों की जान बचाने के लिए आखिरी सांस तक लड़ाई लड़ी थी।

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प्रतिशोध की खौफनाक आग: POCSO पीड़िता के घर में बिछाई लाशें

अपनी हंसती-खेलती गृहस्थी को श्मशान बनाने के बाद भी राजकुमार का खून शांत नहीं हुआ। वह सीधे उस 17 वर्षीय नाबालिग किशोरी के घर की तरफ बढ़ा, जिसने बीते 16 मई को उसके खिलाफ यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण (POCSO) अधिनियम के तहत पीछा करने और उत्पीड़न का मामला दर्ज कराया था। राजकुमार उस नाबालिग लड़की को जबरन कार में डालकर एक सुनसान जगह पर ले गया और उसकी हत्या कर दी। इसके बाद वह दोबारा लड़की के घर लौटा और वहां मौजूद उसकी 45 वर्षीय मां और 65 वर्षीय नानी को भी मौत की नींद सुला दिया। इस खूनी तांडव के बीच घर में मौजूद लड़की की 20 वर्षीय दिव्यांग बहन को आरोपी ने छोड़ दिया, जो इस पूरी विभीषिका की मूक गवाह बनी रही।

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पिता को फोन पर दी हत्या की खबर-"मैंने सबको मार डाला, अब खुदकुशी करने जा रहा हूं"

इस जघन्य हत्याकांड को अंजाम देने के तुरंत बाद राजकुमार ने अपने पिता को फोन लगाया। फोन कॉल पर उसने जो कहा, उसे सुनकर उसके पिता के पैरों तले जमीन खिसक गई। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी तरुण जोशी ने बताया कि आरोपी ने अपने पिता से कहा, "मैंने यह कर दिया है। मैंने उन सभी लोगों को मार डाला है।" यह बोलने के तुरंत बाद उसने अपना मोबाइल फोन स्विच ऑफ कर लिया और कहा कि वह आत्महत्या करने जा रहा है। हालांकि, पुलिस अभी उसके सुसाइड के दावे को संदिग्ध मान रही है।

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जुए की लत, कर्ज का दलदल और सिर्फ 20,000 रुपये में मिली वो 'खतरनाक आज़ादी'

पुलिस जांच में सामने आया है कि राजकुमार व्यवहारिक तौर पर बेहद हिंसक और मानसिक रूप से अस्थिर था। उसे जुए की भयंकर लत थी और वह भारी कर्ज में डूबा हुआ था। पुलिस ने पहले भी उसे दो-तीन बार काउंसलिंग के लिए बुलाया था। मई महीने में जब उसने कोचिंग से घर लौट रही नाबालिग लड़की का उत्पीड़न किया, तो पुलिस ने केस दर्ज किया था। लेकिन जिन धाराओं के तहत मामला दर्ज हुआ था, उनमें 7 साल से कम की सजा का प्रावधान होने के कारण कोर्ट ने उसे सनसनीखेज हत्याओं से ठीक एक हफ्ते पहले महज 20,000 रुपये के पर्सनल बॉन्ड पर अग्रिम जमानत दे दी थी। इसी जमानत ने उसे खुली छूट दे दी, जिसका नतीजा इस खौफनाक नरसंहार के रूप में सामने आया। फिलहाल पुलिस की कई टीमें फरार आरोपी की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही हैं।