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‘आतंकवादी वापस जाओ..’ मुहम्मद यूनुस को लोगों ने एयरपोर्ट पर क्यों किया बेइज्जत, Watch Video
बांग्लादेश सरकार के पूर्व प्रमुख मुहम्मद यूनुस को सोमवार को अमेरिका में उस वक्त असहज स्थिति का सामना करना पड़ा, जब न्यूयॉर्क एयरपोर्ट पर बांग्लादेशी प्रवासियों ने उन्हें आतंकवादी कहते हुए वापस जाने को कहा। घटना से जुड़ा वीडियो भी सामने आया है।

‘तुमने लोकतंत्र खत्म कर दिया’
- ढाका के अखबार ‘डेली सन’ की रिपोर्ट के मुताबिक, सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में टर्मिनल 8 पर पहुंचने के बाद कुछ लोग यूनुस से बहस करते और उनके खिलाफ नारे लगाते दिखाई दिए।
- वायरल वीडियो में एक व्यक्ति मुहम्मद यूनुस पर चिल्लाते हुए कहता है, “तुम आतंकवादी हो, तुम यहां क्यों आए हो? तुमने मेरे देश में लोकतंत्र को खत्म कर दिया है!” वीडियो में यूनुस को व्हीलचेयर पर एयरपोर्ट से बाहर ले जाते समय कुछ लोग उन पर बांग्लादेशियों और पुलिसकर्मियों की मौत के लिए जिम्मेदार होने का आरोप लगाते सुनाई देते हैं। प्रदर्शनकारियों ने ‘वापस जाओ’ के नारे भी लगाए।

यूनुस बांग्लादेश में हजारों मौतों के जिम्मेदार
- इसके बाद सुरक्षाकर्मी यूनुस को वहां से सुरक्षित ले गए। रिपोर्ट के मुताबिक, एयरपोर्ट पर मौजूद लोगों ने बताया कि हंगामे के दौरान यूनुस और उनके साथ मौजूद लामिया मोर्शेड कुछ समय के लिए वापस एयरपोर्ट के अंदर चले गए थे।
- प्रदर्शनकारियों ने दावा किया कि बांग्लादेश में करीब 2 लाख लोगों को गिरफ्तार किया गया और हजारों पुलिसकर्मियों की मौत के लिए यूनुस जिम्मेदार हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
Muhammad Yunus has been spotted at JFK airport, New york.
“You, terrorist why did you come here. You have destroyed the democracy in my country!” https://t.co/SjUMUc7WIg
— subash kumar (@Krishan10_) October 13, 2026
बांग्लादेश में हिंसा और कानून-व्यवस्था पर उठे सवाल
- अगस्त 2024 में छात्रों के नेतृत्व में हुए विद्रोह के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना को सत्ता छोड़नी पड़ी थी। इसके बाद नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मुहम्मद यूनुस ने अंतरिम सरकार का नेतृत्व संभाला। हसीना के सत्ता से हटने के बाद बांग्लादेश में हिंसा और अशांति की घटनाएं सामने आईं।
- यूनुस सरकार को इन हालात से निपटने के तरीके को लेकर आलोचना का सामना करना पड़ा। अवामी लीग और अन्य आलोचकों ने आरोप लगाया कि सरकार राजनीतिक समर्थकों पर हमलों को रोकने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में नाकाम रही।
हिंदू समुदाय पर ज्यादतियों को लेकर कठघरे में यूनुस
- इस दौरान हिंदू समुदायों और पूजा स्थलों पर हमलों, मनमानी गिरफ्तारियों, हिरासत में मौतों और कथित ज्यादतियों को लेकर भी सवाल उठे। जनवरी 2026 में यूनुस सरकार ने एक अध्यादेश जारी किया, जिसके तहत जुलाई-अगस्त 2024 के आंदोलन में शामिल लोगों की कुछ गतिविधियों की सामान्य आपराधिक जांच सीमित कर दी गई।
- इस व्यवस्था के तहत हत्याओं के आरोपों, जिनमें पुलिसकर्मियों की मौत के मामले भी शामिल थे, को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के पास भेजने का प्रावधान किया गया, ताकि यह पता लगाया जा सके कि संबंधित घटनाएं राजनीतिक विरोध थीं या आपराधिक कृत्य।
भारत-बांग्लादेश संबंधों में भी बढ़ा तनाव
- यूनुस के कार्यकाल में भारत और बांग्लादेश के संबंधों में भी तनाव आया। मार्च 2025 में चीन में भारत के पूर्वोत्तर राज्यों को लेकर उनकी टिप्पणियों की भारत में आलोचना हुई। अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और अन्य द्विपक्षीय मुद्दों पर मतभेदों ने भी दोनों देशों के संबंधों को प्रभावित किया।
- नई दिल्ली ने कई बार सार्वजनिक बयानों में संयम बरतने और बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर अधिक ध्यान देने की मांग की।
चुनाव के बाद यूनुस ने छोड़ा पद
- चुनी हुई सरकार को सत्ता सौंपने से पहले मुहम्मद यूनुस ने 16 फरवरी 2026 को अंतरिम सरकार के प्रमुख का पद छोड़ दिया। अपने विदाई भाषण में उन्होंने लोकतांत्रिक परंपराओं, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और नागरिक अधिकारों को बनाए रखने की अपील की।
- उन्होंने कहा, “आज, अंतरिम सरकार पद छोड़ रही है। लेकिन लोकतंत्र, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और मौलिक अधिकारों की जो परंपरा शुरू हुई है, उसे रुकने न दिया जाए।”
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