मध्य प्रदेश के सतना में, अस्पताल पहुंचने पर एम्बुलेंस का दरवाज़ा जाम हो गया, जिससे एक 67 वर्षीय मरीज़ की अंदर ही मौत हो गई। दरवाज़ा खोलने में हुई देरी के कारण मरीज़ को समय पर इलाज नहीं मिल सका। स्वास्थ्य विभाग ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
सतना: मध्य प्रदेश के सतना में एक चौंकाने वाली घटना हुई, जहां एम्बुलेंस का पिछला दरवाज़ा जाम हो जाने से एक गंभीर रूप से बीमार मरीज़ की अंदर ही फंसकर मौत हो गई। एम्बुलेंस 67 साल के राम प्रसाद को लेकर सतना के ज़िला अस्पताल के गेट तक पहुंची थी, जो बहुत बीमार थे। लेकिन, एम्बुलेंस का पिछला दरवाज़ा जाम हो गया। उसे ज़बरदस्ती खोलने में कीमती समय बर्बाद हो गया, जिससे अंदर मौजूद मरीज़ राम प्रसाद ने एम्बुलेंस के अंदर ही दम तोड़ दिया। इस घटना ने ज़िले की आपातकालीन स्वास्थ्य व्यवस्था में एक गंभीर चूक को उजागर किया है।
राम प्रसाद को रामनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से सतना ज़िला अस्पताल ले जाया जा रहा था। उनके परिवार वालों के मुताबिक, शनिवार सुबह घर में आग के पास ठंड से बचने के लिए बैठे राम प्रसाद अचानक गिर पड़े। परिवार वाले उन्हें तुरंत पहले रामनगर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए। वहां डॉक्टरों ने प्राथमिक इलाज के बाद उन्हें ज़िला अस्पताल ले जाने की सलाह दी। इसके बाद परिवार वाले उन्हें 108 इमरजेंसी एम्बुलेंस से ज़िला अस्पताल ले गए।
राम प्रसाद को ले जा रही एम्बुलेंस सतना के सरदार वल्लभभाई पटेल ज़िला अस्पताल के गेट पर पहुंची, लेकिन एम्बुलेंस का पिछला दरवाज़ा लॉक हो जाने की वजह से उन्हें तुरंत बाहर निकालकर इलाज नहीं दिया जा सका। नतीजा यह हुआ कि जब राम प्रसाद अंदर थे, तभी वहां के कर्मचारियों और रिश्तेदारों ने बाहर से दरवाज़ा तोड़ने की कोशिश की। यहां तक कि एम्बुलेंस के ड्राइवर ने भी खिड़की के रास्ते अंदर जाकर दरवाज़ा खोलने की कोशिश की।
काफी मशक्कत के बाद, आखिरकार एम्बुलेंस का दरवाज़ा ज़बरदस्ती खोला गया और राम प्रसाद को स्ट्रेचर पर अस्पताल के अंदर ले जाया गया। लेकिन, अस्पताल के डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
घटना के बाद, ज़िला स्वास्थ्य विभाग ने दावा किया है कि मरीज़ की मौत अस्पताल पहुंचने से पहले ही हो गई थी। सतना के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. मनोज शुक्ला ने कहा कि घटना के संबंध में ज़िला समन्वय अधिकारी को नोटिस जारी किया गया है। डॉ. शुक्ला ने कहा कि मामला सामने आने के बाद ज़िला समन्वयक को नोटिस दिया गया है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
