क्या ट्रंप का यह बयान अमेरिका और इटली के रिश्तों पर लंबे समय तक असर डाल सकता है? क्या विश्व नेताओं के बीच इस तरह के सार्वजनिक बयान कूटनीतिक संबंधों को नुकसान पहुंचाते हैं? इस विवाद में आप किसकी बात को ज्यादा विश्वसनीय मानते हैं- ट्रंप या मेलोनी?
वॉशिंगटन/रोम: "G7 समिट में इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी मेरे साथ एक फोटो के लिए गिड़गिड़ाईं। मेरा मन नहीं था, लेकिन मुझे उन पर तरस आ गया और मैंने फोटो खिंचवा ली।" अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह विवादित बयान देकर एक नया बखेड़ा खड़ा कर दिया है। इस पर इटली की PM मेलोनी ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "ट्रंप का दावा पूरी तरह से मनगढ़ंत है। मैं और मेरा देश इटली कभी किसी के आगे नहीं गिड़गिड़ाते।"

एक इतालवी मीडिया आउटलेट को दिए फोन इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा, "जब मैंने मेलोनी से बात की, तो शायद वह खुश थीं। मुझे उनसे बात नहीं करनी चाहिए थी। उन्होंने मेरे साथ एक फोटो के लिए भीख मांगी। वह मेरे साथ एक फोटो के लिए बहुत बेताब थीं। मुझे उन पर तरस आ गया।"
इस बयान के तुरंत बाद, मेलोनी ने एक वीडियो जारी कर सफाई दी। उन्होंने कहा, "ट्रंप का बयान पूरी तरह से मनगढ़ंत है। मैं हैरान हूं। मुझे समझ नहीं आता कि अमेरिकी राष्ट्रपति अपने ही सहयोगी देशों के साथ ऐसा बर्ताव क्यों करते हैं। यह पहली बार नहीं है। उन्हें एक बात याद रखनी चाहिए, मैं और इटली कभी भीख नहीं मांगते।"
इटली के उप-प्रधानमंत्री ने अमेरिका का दौरा रद्द किया
ट्रंप के बयान पर पूरे इटली में गुस्सा है। इसी बीच, उप-प्रधानमंत्री एंटोनियो तजानी ने अचानक अपना अमेरिका दौरा रद्द कर दिया है। उन्होंने ट्वीट कर कहा, "प्रधानमंत्री मेलोनी के बारे में ट्रंप के गंभीर और आपत्तिजनक बयानों ने पूरे इटली को नाराज कर दिया है। इसी वजह से, मैंने 21 और 22 जून को होने वाली अपनी अमेरिकी यात्रा रद्द करने का फैसला किया है।"
