Trump Approval Rating: अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं. ईरान के साथ तनाव के बीच उनकी अप्रूवल रेटिंग अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है. सर्वे के मुताबिक, सिर्फ 33% अमेरिकी ही उनके काम से खुश हैं.
Trump Approval Rating 2026: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए राजनीतिक मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। रॉयटर्स और इप्सोस के सर्वे के मुताबिक, ट्रंप के कामकाज को सिर्फ 33% अमेरिकी लोगों ने मंजूरी दी, जबकि 64% लोगों ने इसे अस्वीकार किया। यह ट्रंप के मौजूदा कार्यकाल की सबसे कम अप्रूवल रेटिंग बताई गई है।
पिछले सर्वे से भी गिरा समर्थन
इसी महीने हुए पिछले सर्वे में ट्रंप की अप्रूवल रेटिंग 35% थी। नए आंकड़े में यह दो प्रतिशत अंक और नीचे चली गई। यह स्तर दिसंबर 2017 में ट्रंप के पहले कार्यकाल के दौरान दर्ज किए गए उनके सबसे निचले स्तर के बराबर बताया गया है।
ईरान युद्ध से बढ़ी ट्रंप की परेशानी
ट्रंप की लोकप्रियता में गिरावट के पीछे ईरान के साथ जारी सैन्य संघर्ष को एक प्रमुख वजह माना जा रहा है। ट्रंप ने इजरायल के साथ मिलकर ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई का फैसला लिया था। इसके बाद क्षेत्रीय तनाव बढ़ा और संघर्ष का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी पड़ा।
होर्मुज संकट ने बढ़ाई चिंता
ईरान से जुड़े संघर्ष के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य में तेल कारोबार प्रभावित होने की चिंता बढ़ी है। यह मार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। तेल की कीमतों में बढ़ोतरी का असर अमेरिका में पेट्रोल की कीमतों और आम परिवारों के खर्च पर भी पड़ रहा है।
ज्यादातर अमेरिकी मान रहे लंबी चलेगी जंग
रॉयटर्स-इप्सोस सर्वे में करीब 80% अमेरिकी लोगों ने आशंका जताई कि ईरान में अमेरिका की सैन्य भागीदारी लंबे समय तक जारी रह सकती है। इनमें 87% डेमोक्रेट और 71% रिपब्लिकन मतदाता शामिल हैं। वहीं, सिर्फ 16% लोगों को लगता है कि संघर्ष कुछ ही हफ्तों में खत्म हो जाएगा।
ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी के सामने भी चुनौती
ईरान युद्ध का असर सिर्फ ट्रंप की व्यक्तिगत लोकप्रियता तक सीमित नहीं है। नवंबर में होने वाले मध्यावधि चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी के सामने संसद में अपना बहुमत बचाने की चुनौती है। ऐसे में युद्ध, महंगाई और ईंधन की बढ़ती कीमतें पार्टी के लिए राजनीतिक मुद्दा बन सकती हैं।
अमेरिकी जनता में बढ़ी युद्ध को लेकर चिंता
सर्वे के आंकड़े संकेत देते हैं कि अमेरिकी मतदाताओं का एक बड़ा हिस्सा ईरान संघर्ष के लंबे खिंचने को लेकर चिंतित है। अगर युद्ध जारी रहता है और इसका असर ईंधन की कीमतों तथा घरेलू अर्थव्यवस्था पर पड़ता है, तो आने वाले महीनों में ट्रंप प्रशासन पर राजनीतिक दबाव और बढ़ सकता है।
