Russia Ukraine war: रूस के दक्षिणी तट के पास काला सागर में एक तेल टैंकर पर यूक्रेन ने ड्रोन से हमला किया है। इस टैंकर पर 25 भारतीय सवार थे। राहत और बचाव दल ने 23 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया है।

Oil Tanker Attack: रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध अब समुद्री क्षेत्र में भी तनाव बढ़ा रहा है। काला सागर में रूस के दक्षिणी तट के पास एक बड़े तेल टैंकर को निशाना बनाए जाने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। रिपोर्ट के मुताबिक, 6 अक्टूबर को लाइबेरिया के झंडे वाले कच्चे तेल के टैंकर पर यूक्रेनी नौसैनिक ड्रोन से हमला किया गया।

ड्रोन हमले के बाद धधक उठा तेल टैंकर

हमले के बाद टैंकर में भीषण आग लग गई और आसमान में काले धुएं का बड़ा गुबार दिखाई देने लगा। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि रूस के पर्यटन शहर सोची से भी इन्हें देखा गया। घटना से जुड़े कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए हैं, जिनमें समुद्र के बीच टैंकर से उठती आग नजर आ रही है।

टैंकर पर सवार थे भारतीय नागरिक

रिपोर्ट के अनुसार, हमले के वक्त टैंकर पर भारतीय नागरिक भी मौजूद थे। शुरुआती जानकारी में 25 भारतीयों के सवार होने की बात सामने आई थी। रूसी परिवहन मंत्रालय के मुताबिक, हमले के बाद टैंकर से कच्चा तेल समुद्र में फैलने लगा। आग की तीव्रता के कारण शुरुआत में राहत दल के लिए टैंकर के करीब पहुंचना मुश्किल था।

चालक दल के 23 सदस्यों को बचाया गया

राहत और बचाव दल ने कार्रवाई करते हुए चालक दल के 23 सदस्यों को सुरक्षित निकाल लिया। फिलहाल किसी के हताहत होने की जानकारी सामने नहीं आई है। हालांकि, तेल रिसाव और आग के कारण पर्यावरणीय खतरे को लेकर प्रशासन सतर्क है।

सोची के समुद्र तट किए गए बंद

घटना के बाद स्थानीय प्रशासन ने एहतियात के तौर पर समुद्र तटों पर आवाजाही रोक दी। सिरियस संघीय क्षेत्र के अधिकारियों ने लोगों की सुरक्षा को देखते हुए तटीय इलाकों को अस्थायी रूप से बंद करने का फैसला किया है।

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लोगों को घरों में रहने की सलाह

कच्चे तेल के जलने से निकलने वाले धुएं को देखते हुए अधिकारियों ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। हवा और पानी की गुणवत्ता पर नजर रखी जा रही है। स्थानीय लोगों से खिड़कियां बंद रखने और अनावश्यक रूप से बाहर नहीं निकलने को कहा गया है।

काला सागर में क्यों बढ़ रहा तनाव?

यह हमला ऐसे समय हुआ है जब रूस और यूक्रेन के बीच ऊर्जा और समुद्री ढांचे को लेकर तनाव लगातार बढ़ रहा है। यूक्रेन पहले भी रूस की तेल सुविधाओं को निशाना बनाने की कार्रवाई को अपने हमलों के जवाब के तौर पर पेश करता रहा है। वहीं, रूस की ओर से भी समुद्री और ऊर्जा ढांचे से जुड़े ठिकानों पर कार्रवाई जारी है।