यूक्रेन के ओडेसा पोर्ट पर मुंबई के जहाज 'MV गोल्डन लियो' पर रूसी मिसाइलों का काल बनकर टूटना और 4 भारतीयों की मौत, क्या यह किसी बड़ी अंतरराष्ट्रीय साज़िश का हिस्सा है? आखिर कमर्शियल जहाज़ क्यों बना निशाना? जानिए सच।
Russia Ukraine War: यूक्रेन का ऐतिहासिक ओडेसा पोर्ट 19 जुलाई की शाम एक भीषण श्मशान में तब्दील हो गया। गिनी-बिसाऊ के झंडे वाला और मक्का से लदा एक कमर्शियल मालवाहक जहाज, 'MV गोल्डन लियो', जैसे ही पोर्ट से आगे बढ़ा, आसमान से बरसीं रूसी क्रूज़ मिसाइलों ने उसकी तकदीर बदल दी। यूक्रेन की नौसेना के मुताबिक, रूस ने इस जहाज को निशाना बनाते हुए एक के बाद एक तीन क्रूज़ मिसाइलें दागीं। मिसाइलों के टकराते ही जहाज पर भीषण आग लग गई और चीख-पुकार मच गई। ब्लैक सी में हफ़्तों से चल रही हिंसा के बीच इसे अब तक का सबसे घातक और खौफनाक हमला माना जा रहा है, जिसने अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार को दहला कर रख दिया है।
ओडेसा पोर्ट से निकलते ही बरसीं मिसाइलें
विदेश मंत्रालय (MEA) के अनुसार, 19 जुलाई की शाम 'MV गोल्डन लियो' ओडेसा पोर्ट से रवाना हो रहा था। जहाज़ पर कुल 17 क्रू मेंबर मौजूद थे, जिनमें पांच भारतीय नागरिक भी शामिल थे। तभी जहाज़ पर भीषण हमला हुआ। कुछ ही पलों में जहाज़ आग की लपटों में घिर गया और चीख-पुकार मच गई। यूक्रेनी अधिकारियों का दावा है कि यह हमला रूसी क्रूज़ मिसाइलों से किया गया। यूक्रेन की नौसेना के अनुसार, जहाज़ पर तीन क्रूज़ मिसाइलें दागी गईं, जिनकी वजह से जहाज़ में भीषण आग लग गई। अधिकारियों ने इसे हाल के हफ्तों में ब्लैक सी में कमर्शियल शिपिंग पर हुए सबसे घातक हमलों में से एक बताया है।

चार भारतीयों की मौत, एक जिंदगी और मौत के बीच जंग
विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की है कि हमले में चार भारतीय नागरिकों की मौत हो गई है, जबकि एक भारतीय क्रू मेंबर गंभीर रूप से घायल है। मंत्रालय ने मृतकों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और कहा कि यूक्रेन में भारतीय मिशन लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए है। मंत्रालय के बयान में कहा गया कि भारतीय दूतावास प्रभावित नागरिकों और उनके परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए स्थानीय प्रशासन के साथ लगातार संपर्क में है।
क्या मुंबई की उस शिपिंग कंपनी को पहले से था अंदेशा?
लंदन स्टॉक एक्सचेंज ग्रुप (LSEG) के डेटा के अनुसार, इस बदनसीब जहाज का मालिकाना हक मुंबई की एक जानी-मानी कंपनी 'ओशन ग्रेस शिपिंग लिमिटेड' के पास है। हमले के वक्त जहाज पर कुल 17 क्रू मेंबर सवार थे, जिनमें भारत और सीरिया के नागरिक शामिल थे। इस दल में 5 भारतीय भी थे जो अपनी आजीविका के लिए इस खतरनाक रूट पर सफर कर रहे थे। आधी रात को शुरू हुए रेस्क्यू ऑपरेशन में यूक्रेनी सीपोर्ट अथॉरिटी ने किसी तरह 8 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला, लेकिन 9 क्रू मेंबर और एक मैरीटाइम पायलट की जान नहीं बचाई जा सकी। इस tragedy ने भारतीय शिपिंग इंडस्ट्री और प्रभावित परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है।
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विदेश मंत्रालय का बड़ा बयान: क्या होगा भारत का अगला कदम?
इस खौफनाक हमले में 4 भारतीय नागरिकों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 1 भारतीय क्रू मेंबर अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहा है। भारत के विदेश मंत्रालय ने बेहद सख्त रुख अपनाते हुए इस कायरतापूर्ण हमले की कड़ी निंदा की है। भारत ने दोटूक शब्दों में कहा कि कमर्शियल जहाजों को निशाना बनाना, बेकसूर क्रू मेंबर की जान को खतरे में डालना और अंतरराष्ट्रीय व्यापार की आज़ादी में बाधा डालना पूरी तरह से 'निंदनीय' है और इससे हर हाल में बचा जाना चाहिए। विदेश मंत्रालय ने पीड़ित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है और कहा है कि यूक्रेन में मौजूद भारतीय मिशन स्थिति पर चौबीसों घंटे पैनी नजर रखे हुए है और प्रभावितों को हर संभव मदद पहुंचा रहा है।
युद्ध के मैदान में तब्दील हुआ ओडेसा, चारों तरफ सिर्फ तबाही!
यह हमला कोई इकलौती घटना नहीं है, बल्कि ओडेसा और उसके आसपास के इलाकों में मौत का खूनी खेल लगातार जारी है। ओडेसा क्षेत्र के गवर्नर के अनुसार, अकेले इस महीने रूसी हमलों में 28 लोगों की जान जा चुकी है। दूसरी तरफ, सोमवार को रूस के बेलगोरोद में एक यूक्रेनी ड्रोन ने एक बस को निशाना बनाया, जिसमें एक बच्चे समेत पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि यूक्रेन के कई शहरों पर रूसी हमलों में आठ और लोगों की जान चली गई। दोनों देशों के बीच प्रतिशोध की यह आग अब बेकाबू हो चुकी है, जिसने बेकसूर नागरिकों और अंतरराष्ट्रीय कामगारों को अपनी चपेट में लेना शुरू कर दिया है।

युद्ध की आग अब समुद्री व्यापार तक?
ब्लैक सी लंबे समय से रूस-यूक्रेन संघर्ष का अहम केंद्र बना हुआ है। ओडेसा यूक्रेन का सबसे महत्वपूर्ण बंदरगाह है, जहां से अनाज और अन्य जरूरी सामान दुनिया भर में भेजे जाते हैं। ऐसे में व्यापारिक जहाज़ों पर हमले वैश्विक सप्लाई चेन, खाद्य सुरक्षा और समुद्री व्यापार के लिए गंभीर खतरा बनते जा रहे हैं। इसी बीच यूक्रेन के ओडेसा क्षेत्र के गवर्नर ने बताया कि इस महीने रूसी हमलों में अब तक 28 लोगों की मौत हो चुकी है। दूसरी ओर, रूस के बेलगोरोद क्षेत्र में यूक्रेनी ड्रोन हमले में एक बच्चे समेत पांच लोगों की जान गई, जबकि यूक्रेन के कई शहरों पर रूसी हमलों में भी कम से कम आठ लोगों की मौत हुई है। इससे साफ है कि दोनों देशों के बीच संघर्ष लगातार और अधिक घातक होता जा रहा है।
क्या अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग अब सुरक्षित नहीं?
'MV गोल्डन लियो' पर हुआ हमला सिर्फ एक जहाज़ पर हमला नहीं, बल्कि वैश्विक समुद्री सुरक्षा के लिए गंभीर चेतावनी माना जा रहा है। जब युद्ध की आग व्यापारिक जहाज़ों और नागरिक क्रू तक पहुंचने लगे, तो इसका असर केवल युद्धरत देशों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था, सप्लाई चेन और मानव सुरक्षा पर पड़ता है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है-क्या ब्लैक सी में चल रहा युद्ध अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार के लिए नए और बड़े संकट का संकेत बन चुका है?
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