मिडिल क्लास के लिए खुशखबरी! महंगे इलाज से छुटकारा? Budget 2026 में दवाओं पर मास्टरस्ट्रोक
Union Budget 2026 में आम मरीजों को बड़ी राहत मिली है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कैंसर, डायबिटीज और ऑटो-इम्यून बीमारियों की दवाएं सस्ती करने का ऐलान किया है। कस्टम ड्यूटी में कटौती और फार्मा सेक्टर में 10 हजार करोड़ निवेश से इलाज का खर्च घटेगा।

Union Budget 2026: महंगी दवाओं पर लगेगी लगाम, हेल्थकेयर सेक्टर को सरकार का बड़ा सहारा
देश का आम आदमी जब बीमार पड़ता है, तो सबसे बड़ा डर बीमारी से ज्यादा इलाज के खर्च का होता है। खासतौर पर कैंसर, डायबिटीज और ऑटो-इम्यून जैसी बीमारियां न सिर्फ शरीर को, बल्कि परिवार की आर्थिक स्थिति को भी तोड़ देती हैं। इसी चुनौती को ध्यान में रखते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने Union Budget 2026 में हेल्थकेयर सेक्टर को बड़ी राहत देने वाले फैसलों का ऐलान किया है। अपने नौवें बजट भाषण में उन्होंने साफ किया कि सरकार की प्राथमिकता अब सिर्फ इलाज नहीं, बल्कि इलाज को सस्ता और सुलभ बनाना है।
सस्ती होंगी कैंसर और डायबिटीज की दवाएं
वित्त मंत्री ने लोकसभा में कहा कि मोदी सरकार का फोकस उन बीमारियों पर है, जिनका इलाज लंबे समय तक चलता है और जिनमें दवाओं का खर्च सबसे ज्यादा होता है। कैंसर, डायबिटीज और ऑटो-इम्यून रोगों की दवाएं आम लोगों की पहुंच से बाहर न रहें, इसके लिए सरकार उनकी कीमतें कम करने की दिशा में ठोस कदम उठाएगी। इससे मिडिल क्लास और बुजुर्ग मरीजों को सीधी राहत मिलने की उम्मीद है, जो वर्षों तक दवाओं पर निर्भर रहते हैं।
जरूरी दवाओं पर टैक्स घटाने की तैयारी
बजट 2026 में यह भी साफ किया गया कि सरकार इन जरूरी दवाओं पर लगने वाली कस्टम ड्यूटी को घटाने या पूरी तरह खत्म करने पर विचार कर रही है। सीमा शुल्क में कटौती से दवाओं की उत्पादन लागत कम होगी और इसका फायदा सीधे मरीजों तक पहुंचेगा। खासतौर पर अर्थराइटिस, ल्यूपस जैसी ऑटो-इम्यून बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए यह फैसला राहत भरा साबित हो सकता है।
फार्मा सेक्टर में 10 हजार करोड़ का निवेश
हेल्थकेयर को मजबूत बनाने के लिए सरकार ने फार्मा सेक्टर में 10 हजार करोड़ रुपये के निवेश का भी ऐलान किया है। इस निवेश का उद्देश्य देश में ही दवाओं के निर्माण को बढ़ावा देना है, ताकि भारत बायो-फार्मा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन सके। बजट में घोषित ‘बायो फार्मा शक्ति’ पहल इसी दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है, जिससे रिसर्च, इनोवेशन और दवा उत्पादन को नई गति मिलेगी।
क्यों महंगा हो गया है इलाज
आज के समय में गंभीर बीमारियों का इलाज लगातार महंगा होता जा रहा है। कई मरीजों को सालों तक दवाएं लेनी पड़ती हैं, जिससे उनकी बचत खत्म हो जाती है। सरकार का मानना है कि अगर दवाएं सस्ती होंगी, तो लोग समय पर इलाज करवा पाएंगे और इलाज बीच में छोड़ने की मजबूरी नहीं होगी। इससे न सिर्फ मरीजों का जीवन बेहतर होगा, बल्कि देश के हेल्थकेयर सिस्टम पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा।
बजट 2026 का साफ संदेश
Union Budget 2026 यह संकेत देता है कि सरकार आर्थिक विकास के साथ-साथ नागरिकों की सेहत को भी उतनी ही प्राथमिकता दे रही है। अगर कस्टम ड्यूटी में कटौती और दवाओं की कीमत कम करने के ये प्रस्ताव जमीन पर उतरते हैं, तो आने वाले वर्षों में लाखों मरीजों को बड़ी राहत मिल सकती है। कुल मिलाकर, यह बजट हेल्थकेयर सेक्टर और आम जनता दोनों के लिए एक भरोसेमंद और उम्मीद जगाने वाला कदम माना जा रहा है।
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