Mukhtar Ansari Shooter killed Barabanki: मुख्तार अंसारी गैंग से जुड़े शोएब उर्फ बॉबी की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या। बाइक सवार हमलावरों ने करीब 15 गोलियां दागीं। जेलर हत्याकांड का आरोपी रहा बॉबी, पुलिस गैंगवार और आपसी रंजिश के एंगल से जांच में जुटी।
Shoeb Bobby Murder: पूर्वांचल की अपराध दुनिया में एक और सनसनीखेज वारदात ने हलचल मचा दी है। बाराबंकी के असैनी इलाके में मुख्तार अंसारी के कथित शूटर रहे शोएब उर्फ बॉबी की गोली मारकर हत्या कर दी गई। भीड़भाड़ वाले इलाके में हुई इस वारदात ने कानून-व्यवस्था और गैंगवार की संभावनाओं पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।
पुलिस के मुताबिक, हमलावर बाइक से आए और बेहद करीब से ताबड़तोड़ फायरिंग की। शुरुआती जानकारी के अनुसार, करीब 15 गोलियां चलाई गईं। गंभीर रूप से घायल बॉबी को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। हमलावर मौके से फरार हो गए हैं और उनकी तलाश में टीमें लगाई गई हैं।
कौन था शोएब बॉबी
शोएब उर्फ बॉबी को पूर्व बाहुबली नेता मुख्तार अंसारी के गिरोह से जुड़ा माना जाता था। उसके खिलाफ हत्या, रंगदारी और गैंगवार से जुड़े कई आपराधिक मुकदमे दर्ज रहे हैं। उसका नाम चर्चित जेलर हत्याकांड में भी सामने आया था, जिससे वह पुलिस रिकॉर्ड में एक अहम आरोपी के रूप में दर्ज हुआ।
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वारदात का तरीका: प्रोफेशनल हमला?
प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस सूत्रों के अनुसार, हमलावरों ने बेहद नजदीक से फायरिंग की, जिससे यह अंदेशा जताया जा रहा है कि हमला पूरी तैयारी के साथ किया गया। सीसीटीवी फुटेज खंगाली जा रही है और आसपास के रूटों की निगरानी बढ़ा दी गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी सर्विलांस और लोकल इंटेलिजेंस दोनों को सक्रिय किया गया है।
जेलर हत्याकांड से लेकर गैंगवार तक
शोएब बॉबी पहले से ही एक बड़े आपराधिक नेटवर्क का हिस्सा माना जाता रहा है। हाल के महीनों में गिरोह के भीतर वर्चस्व की लड़ाई और आपसी रंजिश की चर्चाएं भी सामने आई थीं। जांच एजेंसियां इस पहलू को भी खंगाल रही हैं कि कहीं यह हत्या गैंगवार या अंदरूनी टकराव का नतीजा तो नहीं।
गौरतलब है कि मुख्तार अंसारी के खिलाफ हत्या, अपहरण और फिरौती जैसे गंभीर मामले दर्ज रहे। 2005 में कृष्णानंद राय हत्याकांड में उन्हें जेल भेजा गया था। 28 मार्च 2024 को बांदा जेल में उनकी मौत हार्ट अटैक से होने की आधिकारिक पुष्टि की गई थी। उनके निधन के बाद गिरोह की गतिविधियों और आपसी समीकरणों में बदलाव की चर्चा लगातार होती रही है।
पुलिस जांच किन एंगल पर
बाराबंकी पुलिस ने हत्या के पीछे तीन प्रमुख एंगल तय किए हैं:
- गैंगवार या वर्चस्व की लड़ाई
- पुरानी रंजिश
- जेलर हत्याकांड या अन्य मामलों से जुड़ी प्रतिशोध की संभावना
जांच अधिकारी सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और आपराधिक नेटवर्क के हालिया मूवमेंट का विश्लेषण कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही हमलावरों की पहचान कर ली जाएगी।
कानून-व्यवस्था पर फिर बहस
भीड़भाड़ वाले इलाके में दिनदहाड़े हुई इस हत्या ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि बड़े आपराधिक नेटवर्क के विघटन के बाद अक्सर अंदरूनी संघर्ष बढ़ते हैं, जिससे ऐसी वारदातों की आशंका बढ़ जाती है।
फिलहाल, पुलिस की प्राथमिकता आरोपियों की गिरफ्तारी और घटना के पीछे की साजिश का खुलासा करना है। आने वाले दिनों में जांच की दिशा तय करेगी कि यह महज एक रंजिश थी या संगठित गैंगवार का नया अध्याय।
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