Ursula Von Der Leyen Story: 7 बच्चों की मां, डॉक्टर और अब भारत-EU फ्री ट्रेड डील की असली आर्किटेक्ट उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने 18 साल की लंबी बातचीत के बाद यह ऐतिहासिक समझौता करवाया। जानिए उनकी लाइफ जर्नी कैसी रही है... 

India-EU Trade Deal Mastermind Story: भारत और यूरोपियन यूनियन (EU) के बीच 18 साल की लंबी बातचीत के बाद आज, 27 जनवरी को ऐतिहासिक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) का ऐलान हुआ। इस डील को पीएम मोदी ने 'मदर ऑफ ऑल ट्रेड डील' बताया। इस डील पीछे की सबसे बड़ी आर्किटेक्ट उर्सुला वॉन डेर लेयेन हैं, जो यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष हैं। वे सिर्फ यूरोप की नहीं, बल्कि ग्लोबल पॉलिटिक्स की सबसे प्रभावशाली महिलाओं में से एक मानी जाती हैं। भारत-EU फ्री ट्रेड डील उनके लीडरशिप और स्ट्रैटजी का सबसे बड़ा उदाहरण है। आइए जानते हैं 7 बच्चों की मां और डॉक्टर रह चुकीं उर्सुला की कहानी...

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उर्सुला वॉन डेर लेयेन कौन हैं?

उर्सुला वॉन डेर लेयेन का जन्म 8 अक्टूबर 1958 को ब्रुसेल्स में हुआ। वे बेल्जियम में जन्मी जर्मन राजनीति की पॉपुलर लीडर हैं और जर्मनी की पहली महिला रक्षा मंत्री और यूरोपीय आयोग की पहली महिला अध्यक्ष भी हैं। उन्होंने शुरू में इकोनॉमिक्स की पढ़ाई की, लेकिन बाद में डॉक्टर बनने की ठानी और 1987 में हनोवर मेडिकल स्कूल (Hanover Medical School) से मेडिकल की डिग्री हासिल की। वे 7 बच्चों की मां हैं और अपनी फैमिली के साथ-साथ ग्लोबल लीडरशिप में भी अपनी अहम रोल निभाती रही हैं।

करियर की शुरुआत और राजनीतिक जर्नी

उर्सुला ने 1990 में क्रिश्चियन डेमोक्रेटिक यूनियन (CDU) में कदम रखा। 1996 में उन्होंने लोअल साक्सोनी (Lower Saxony) की राजनीति में सक्रिय भागीदारी शुरू की। धीरे-धीरे उन्होंने पार्टी के नेतृत्व में अहम भूमिका निभाई और 2005 में जर्मनी में फैमिली अफेयर्स, सीनियर सिटिजन, वीमेन और यूथ मिनिस्टर बनीं। उनके कार्यकाल में बच्चों के लिए डेकेयर सुविधाओं का विस्तार किया गया और वर्किंग पैरेंट्स के लिए पेरेंटल लीव लागू किया गया। उन्होंने साबित किया कि नेतृत्व का मतलब सिर्फ सत्ता में होना नहीं, बल्कि लोगों की जिंदगी में बदलाव लाना भी होता है।

जर्मनी की पहली रक्षा मंत्री

2013 में उर्सुला जर्मनी की पहली महिला रक्षा मंत्री बनीं। इस रोल में उन्होंने बुंडेसवेयर (Bundeswehr) को सुधारने के लिए कई कदम उठाए। उनके समय में रूस-यूक्रेन क्षेत्र में तनाव, NATO की क्षमताओं की कमी और यूरोप में शरणार्थियों की बड़ी लहर जैसे चैलेंजेस आएं। उन्होंने अपने फैसलों में हमेशा संयम और रणनीति को प्राथमिकता दी। उनके नेतृत्व में जर्मनी ने सैन्य तैयारियों और सुरक्षा नीतियों में सुधार किया।

यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष और ग्लोबल प्रभाव

जुलाई 2019 में उर्सुला वॉन डेर लेयेन यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष बनीं। उनकी प्राथमिकताएं समाज और पर्यावरण पर केंद्रित रही। उन्होंने यूरोप में लैंगिक समानता और जलवायु परिवर्तन के मुद्दों को प्रमुखता दी। कोविड-19 महामारी के समय उन्होंने फाइजर और एस्ट्राजेनेका के साथ वैक्सीन की डील की। रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान उन्होंने EU के लिए 500 मिलियन यूरो की सीधी सैन्य मदद का ऐलान किया।

भारत-EU फ्री ट्रेड डील की असली आर्किटेक्ट

उर्सुला की स्ट्रैटजी और नेगोशिएशन स्किल्स ने भारत और EU के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को पॉसिबल बनाया। इस डील के बाद यूरोपीय कारों पर टैक्स 110% से घटकर 10% हो जाएगा। शराब और वाइन पर 150% टैक्स घटाकर 20-30% किया जाएगा। इस डील से अनुमानित रूप से 43 हजार करोड़ रुपए का फायदा होगा और लाखों लोगों के लिए रोजगार के अवसर खुलेंगे।