US midterm elections impact: अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर संयुक्त हमले का प्लान तैयार कर लिया है। हालांकि, माना जा रहा है कि डोनाल्ड ट्रंप नवंबर में होने वाले मिडटर्म चुनाव के बाद ही इसकी मंजूरी देंगे। वहीं, ईरान ने भी चेतावनी दी है कि अगर हमला हुआ तो वह करारा जवाब देगा।
Donald Trump Iran Military Policy: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी और इजरायली सेना ने ईरान के खिलाफ संभावित संयुक्त सैन्य अभियान की योजना तैयार की है। हालांकि, व्हाइट हाउस ने स्पष्ट किया है कि 3 नवंबर को होने वाले अमेरिकी मध्यावधि चुनाव से पहले ईरान पर हमला नहीं किया जाएगा। दूसरी ओर, ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर उस पर सैन्य कार्रवाई की गई, तो उसका जवाब बेहद कड़ा होगा।
रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मंजूरी मिलने के बाद ही किसी संभावित सैन्य अभियान पर आगे बढ़ा जाएगा। फिलहाल, हमले की योजना और उसकी समयसीमा को लेकर आधिकारिक तौर पर पूरी जानकारी सामने नहीं आई है।
चुनाव से पहले हमला नहीं करना चाहता अमेरिका
एबीसी न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, व्हाइट हाउस की प्रवक्ता अन्ना केली ने कहा है कि अमेरिका 3 नवंबर के मध्यावधि चुनाव से पहले ईरान पर हमला नहीं करेगा। रिपोर्ट में बताया गया है कि ट्रंप प्रशासन चुनाव से पहले तेल बाजार में अस्थिरता पैदा होने से बचना चाहता है।
वहीं, अंतरराष्ट्रीय मीडिया की रिपोर्ट्स में इजरायली अधिकारियों के हवाले से दावा किया गया है कि चुनाव के बाद ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई का विकल्प फिर से सामने आ सकता है। हालांकि, इन दावों के बीच किसी हमले की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। पेंटागन ने भी इस मामले पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है।
नेतन्याहू सैन्य कार्रवाई के पक्ष में
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई दोबारा शुरू करने के समर्थक बताए जा रहे हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, संभावित संयुक्त अभियान को लेकर अमेरिका और इजरायल के बीच चर्चा हुई है। लेकिन किसी भी कार्रवाई का अंतिम फैसला राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हाथ में होगा।
अमेरिका की प्रमुख चिंताओं में ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना शामिल है। हालांकि, संभावित हमले की योजना, उसके लक्ष्य और समय को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है।
ईरान की कड़ी चेतावनी, बातचीत पर भी संशय
ईरान ने साफ कहा है कि अगर उस पर हमला किया गया, तो वह जवाबी कार्रवाई करेगा। इससे क्षेत्र में तनाव बढ़ने की आशंका बनी हुई है।
इस बीच, ट्रंप के हालिया बयानों से अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत की स्थिति भी स्पष्ट नहीं हो पाई है। उनसे जब ईरान के साथ वार्ता को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने पहले कहा कि कुछ बातचीत चल रही है। हालांकि, इसके तुरंत बाद उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि दोनों देशों के बीच कोई बातचीत हो रही है।
फिलहाल, सबकी नजरें अमेरिकी मध्यावधि चुनाव के बाद वाशिंगटन के अगले कदम और ईरान की प्रतिक्रिया पर टिकी हैं।







