अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच बातचीत शुरू हुई है। डोनाल्ड ट्रंप ने 5 दिनों के लिए ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोकने का आदेश दिया है। दोनों देशों के बीच समाधान की दिशा में “सार्थक और गहन” बातचीत जारी है। हालांकि, ईरान ने दावा किया है कि ट्रंप धमकी देने के बाद डर गए हैं।
Iran-US War Latest News: अमेरिका-ईरान के बीच जारी तनाव और संघर्ष के बीच एक अहम कूटनीतिक पहल सामने आई है। डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को ऐलान किया कि अमेरिका ने ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर जारी हमले फिलहाल 5 दिनों के लिए रोकने का फैसला किया है। इतना ही नहीं, ट्रंप ने बताया कि दोनों देशों के बीच बातचीत चल रही है, जो बेहद सार्थक रही। उन्होंने कहा कि तीन हफ्तों से अधिक समय से चल रहे संघर्ष के बीच यह एक सकारात्मक कदम है। ट्रंप द्वारा युद्ध को रोकने की पहल के बीच अब एक नई बहस शुरू हो गई है कि क्या ट्रंप ईरान से डर गए हैं?
‘Truth Social’ पर ट्रंप का बयान
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर ऑल-कैप्स (बड़े अक्षरों) में पोस्ट करते हुए लिखा कि अमेरिका और ईरान के बीच पिछले दो दिनों में बेहद महत्वपूर्ण और रचनात्मक बातचीत हुई है। उन्होंने आगे कहा कि ये बातचीत गहन, विस्तृत और रचनात्मक है और पूरे हफ्ते जारी रहेगी।
ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर हमले 5 दिन के लिए रोके
अमेरिकी राष्ट्रपति ने बताया कि बातचीत के सकारात्मक माहौल को देखते हुए उन्होंने अपने रक्षा विभाग को निर्देश दिया है कि ईरान के बिजली संयंत्रों और ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर पर किसी भी हमले को पांच दिनों के लिए टाल दिया जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह फैसला इस शर्त पर लिया गया है कि दोनों देशों के बीच जारी बातचीत सफल रहती है।
हम उनसे बात करना चाहते हैं - ट्रंप
हालांकि, अभी तक दोनों देशों के बीच तनाव कम होने के कोई संकेत नहीं थे, लेकिन शुक्रवार को ट्रंप ने तेहरान से बातचीत करने की इच्छा जताई थी। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात में ईरान के कई बड़े नेताओं के मारे जाने के कारण बातचीत करना मुश्किल हो गया है। ट्रंप के मुताबिक, “हम उनसे बात करना चाहते हैं, लेकिन बात करने के लिए वहां कोई मौजूद नहीं है।”
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ पर भी बनी हुई है स्थिति
ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के अनुसार, तेहरान में उच्च-स्तरीय संपर्कों से जुड़े एक व्यक्ति ने बताया कि ईरान फिलहाल Strait of Hormuz को फिर से खोलने पर बातचीत के लिए तैयार नहीं है। यह समुद्री मार्ग वैश्विक तेल व्यापार के लिए बेहद अहम माना जाता है और इसका बंद होना दुनिया की अर्थव्यवस्था पर बड़ा असर डाल सकता है।
ईरान का दावा- धमकी के बाद पीछे हटे ट्रंप
ट्रंप के इस फैसले पर ईरान की ओर से भी प्रतिक्रिया आई है। अफगानिस्तान स्थित ईरानी दूतावास ने इसे अमेरिका का “पीछे हटना” बताया। ईरान ने पहले चेतावनी दी थी कि अगर अमेरिका उसके ऊर्जा ठिकानों पर हमला करता है, तो वह पूरे क्षेत्र के ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाएगा। दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि ईरान की इस चेतावनी के बाद ट्रंप ने हमले टालने का फैसला लिया।


