एंथ्रोपिक के AI क्लॉड ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति मदुरो के अपहरण की योजना में अमेरिकी सेना की मदद की। इसने सैटेलाइट तस्वीरों और संचार का विश्लेषण कर रणनीति बनाई। यह सैन्य अभियान में इस्तेमाल होने वाला पहला AI टूल है।

वाशिंगटन: एंथ्रोपिक का AI टूल क्लॉड, जिसे हाल तक कोडर्स की नौकरी छीनने वाला माना जा रहा था, उसने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मदुरो के अपहरण में अमेरिकी सेना की मदद की थी। यह चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। इसके साथ ही, क्लॉड AI सैन्य अभियान में इस्तेमाल होने वाला पहला AI टूल बन गया है।

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वेनेजुएला पर हमले की तैयारी अमेरिका कई महीनों से कर रहा था

रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका कई महीनों से वेनेजुएला पर हमले की तैयारी कर रहा था। वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट के अनुसार, 3 जनवरी को वेनेजुएला की राजधानी कराकस पर बमबारी करने और राष्ट्रपति मदुरो को उनकी पत्नी के साथ किडनैप करने के लिए क्लॉड का इस्तेमाल किया गया था। हालांकि, अमेरिकी सेना या एंथ्रोपिक ने आधिकारिक तौर पर यह नहीं बताया है कि इसका इस्तेमाल ठीक कैसे किया गया था।

कैसे हुआ इस्तेमाल?

एंथ्रोपिक के नियमों के मुताबिक, उसके AI टूल का इस्तेमाल हथियार बनाने, निगरानी रखने या हिंसा के लिए नहीं किया जा सकता। लेकिन अमेरिका ने ये सभी काम अपनी पार्टनर कंपनी पलांतिर के जरिए करवाए।

सूत्रों के अनुसार, इसने सीधे हमले में हिस्सा लेने के बजाय रणनीति बनाने में मदद की। इसने सैटेलाइट तस्वीरों का विश्लेषण करके कराकस में सेना की तैनाती, लोगों और गाड़ियों की आवाजाही जैसी जानकारी जुटाई। अपनी क्षमता का इस्तेमाल करते हुए इसने कॉल्स, मैसेज और रेडियो भाषणों की जांच करके मदुरो या उनकी सेना की योजनाओं का पता लगाया। इस सारी जानकारी के आधार पर, इसने एक योजना तैयार की कि किस इलाके में सेना की मौजूदगी कम है, कहां से हमला करना सही रहेगा और किस तरफ हमला करने से ज्यादा नुकसान होगा। कहा जाता है कि हमले के दौरान भी इसने इसी तरह की जानकारी देकर मदद की थी।