मिडिल ईस्ट में तैनात अमेरिकी जंगी जहाज पर 5,000 सैनिक एक बड़ी समस्या का सामना कर रहे हैं। 8 महीने से प्लंबिंग में खराबी के कारण जहाज के 650 टॉयलेट जाम हो गए हैं। इस वजह से परेशान कई नौसैनिक नौकरी छोड़ने की बात कह रहे हैं।
वॉशिंगटन: एक तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान पर हमले की लगातार धमकी दे रहे हैं, तो दूसरी तरफ मिडिल ईस्ट के पास तैनात अमेरिका के सबसे महंगे जंगी जहाजों में से एक पर एक नई मुसीबत आ गई है। 1.2 लाख करोड़ रुपये की कीमत वाले इस जहाज पर तैनात करीब 5,000 सैनिक एक अजीब समस्या से जूझ रहे हैं। पिछले 8 महीनों से सही रखरखाव और प्लंबिंग सिस्टम में खराबी के चलते जहाज के 650 टॉयलेट खराब हो गए हैं। इससे सैनिकों को भारी दिक्कत हो रही है और कई तो गुस्से में नौकरी छोड़ने तक की बात कह रहे हैं।
क्या है ये समस्या?
अमेरिका का यह जंगी जहाज, USS गेराल्ड आर. फोर्ड, पिछले साल जून से ही समुद्र में है। ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ने की वजह से अमेरिकी सरकार ने इसे और लंबे समय तक वहीं रहने का आदेश दिया है।
जहाज के 8 महीने से समुद्र में होने के कारण इसके टॉयलेट के उपकरण खराब हो रहे हैं। प्लंबिंग सिस्टम ठीक न होने से करीब 650 टॉयलेट जाम हो गए हैं या काम नहीं कर रहे। इन्हें ठीक करने के लिए स्टाफ 24 घंटे काम कर रहा है, लेकिन कोई खास फायदा नहीं हो रहा।
45 मिनट लाइन में लगने पर ही शौच!
इस जंगी जहाज पर करीब 5,000 नौसैनिक तैनात हैं, जिनमें कई युवा लड़कियां भी शामिल हैं। इनमें से ज्यादातर की उम्र 20 साल के आसपास है। टॉयलेट खराब होने की वजह से उन्हें रोज 45 मिनट तक लाइन में लगकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता है।
इस वजह से कई नौसैनिकों ने कहा है कि अपनी ड्यूटी पूरी होने के बाद वे अमेरिकी नौसेना की नौकरी ही छोड़ देंगे। बताया जा रहा है कि टॉयलेट की मरम्मत करने वाले स्टाफ और सैनिकों के बीच रोज झगड़े होना अब आम बात हो गई है।
