Iran Missile Range: ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने ब्रिटेन के RAF Fairford एयर बेस से अपने 12 B-1 बॉम्बर हटा लिए हैं। ईरानी मिसाइलों के खतरे को देखते हुए अमेरिकी सेना अब 1000 किलोमीटर दूर से ऑपरेट कर रही है।
US Iran Tension: अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य तनाव अब सीधे टकराव के बजाय रणनीतिक दूरी की ओर बढ़ता दिख रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी सेना ने ईरानी मिसाइलों के खतरे को देखते हुए अपनी गतिविधियां ईरान के तट से करीब 1000 किलोमीटर दूर कर दी हैं। इसी बीच अमेरिका ने ब्रिटेन के RAF Fairford एयरबेस से अपने सभी 12 B-1 बॉम्बर विमान वापस बुला लिए हैं।
ब्रिटेन से क्यों हटाए गए 12 B-1 बॉम्बर?
अमेरिका ने सुरक्षा चिंताओं के चलते ब्रिटेन के RAF Fairford एयरबेस से 12 B-1 बॉम्बर वापस अमेरिका भेज दिए हैं। ये विमान अब भी जरूरत पड़ने पर वैश्विक सैन्य अभियानों के लिए उपलब्ध रहेंगे। रिपोर्ट के अनुसार, यह फैसला कथित ईरानी साजिश के खुलासे के बाद लिया गया। इसमें IRGC पर ब्रिटिश नागरिकों की मदद से अमेरिकी बमवर्षक विमानों और सैन्यकर्मियों को निशाना बनाने की योजना का आरोप है।
1000 किमी दूर हुआ अमेरिका तो ईरान ने बढ़ाई मिसाइल रेंज
अमेरिकी सेना के ईरानी तट से दूरी बढ़ाने के बीच तेहरान ने अपनी मिसाइल रणनीति में बदलाव के संकेत दिए हैं। ईरानी सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल मोहम्मद अकरमिनिया ने 4 अक्टूबर 2026 को कहा कि बैलिस्टिक मिसाइलों की मारक क्षमता को 1000 किलोमीटर तक बढ़ाने पर काम शुरू किया गया है। इसका मकसद तट से दूर मौजूद दुश्मन सेनाओं को भी निशाने की जद में लाना है।
अरब सागर में अमेरिकी युद्धपोतों पर बढ़ेगा खतरा?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान की IRGC एयरोस्पेस फोर्स के पास पहले से करीब 2000 किलोमीटर तक मार करने वाली मिसाइलें हैं। वहीं, नियमित ईरानी सेना अपेक्षाकृत कम दूरी वाली मिसाइलों का संचालन करती है। नई 1000 किलोमीटर रेंज वाली मिसाइलें विकसित होने पर अरब सागर में मौजूद अमेरिकी युद्धपोतों पर खतरा बढ़ सकता है। हालांकि, यूरोप, इजरायल और डिएगो गार्सिया अभी भी इस प्रस्तावित रेंज से बाहर रहेंगे।
इजरायल में 3000 अमेरिकी सैनिक पहले से तैनात
मध्य पूर्व में तनाव बढ़ने के साथ अमेरिका इजरायल की सुरक्षा को मजबूत कर रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इजरायल में करीब 3000 अमेरिकी सैनिक पहले से मौजूद हैं। ये सैनिक संभावित हमलों की स्थिति में इजरायल और जॉर्डन के साथ समन्वय कर रहे हैं।
10 हजार और अमेरिकी सैनिक पहुंचेंगे मध्य पूर्व
अमेरिका मध्य पूर्व में अपनी सैन्य मौजूदगी और बढ़ाने की तैयारी में है। करीब 10 हजार अतिरिक्त अमेरिकी सैनिकों के क्षेत्र में पहुंचने की बात सामने आई है, जिनमें लगभग 2000 मरीन भी शामिल हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, इन बलों के नवंबर तक तीसरे अमेरिकी विमानवाहक पोत के साथ क्षेत्र में पहुंचने की संभावना है। ऐसे में अमेरिका-ईरान तनाव के बीच मध्य पूर्व में सैन्य संतुलन और ज्यादा संवेदनशील हो सकता है।
