गोरखनाथ मंदिर प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरु गोरखनाथ का दर्शन-पूजन किया, गोशाला में गोसेवा की और बच्चों को स्नेहाशीष दिया। बच्चों से संवाद कर उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा भी दी।

गोरखपुर। गोरखनाथ मंदिर प्रवास के दौरान बुधवार सुबह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दिनचर्या पूरी तरह परंपरागत रही। उन्होंने प्रातःकाल गोरखनाथ मंदिर में शिवावतार महायोगी गुरु गोरखनाथ का विधिवत दर्शन-पूजन किया। इसके बाद वे अपने गुरु ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की समाधि स्थल पर पहुंचे और श्रद्धापूर्वक मत्था टेका। मुख्यमंत्री जब भी गोरखनाथ मंदिर में प्रवास करते हैं, तब पूजा-अर्चना के साथ-साथ गोसेवा भी उनकी दिनचर्या का अहम हिस्सा रहती है।

गोशाला पहुंचकर किया गोसेवा, अपने हाथों से खिलाया गुड़-रोटी

सुबह मंदिर परिसर का भ्रमण करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोशाला पहुंचे और वहां कुछ समय व्यतीत किया। गोशाला में उन्होंने चारों ओर घूमते हुए गोवंश को नाम लेकर पुकारा—श्यामा, गौरी, गंगा, भोला जैसे नाम उनकी आवाज सुनते ही गोवंश के लिए पहचान बन जाते हैं। अपने नाम की स्नेहभरी पुकार सुनते ही कई गोवंश दौड़ते-कूदते मुख्यमंत्री के पास आ गए। मुख्यमंत्री ने सभी के माथे पर स्नेहपूर्वक हाथ फेरा, उन्हें दुलारा और अपने हाथों से गुड़-रोटी खिलाकर गोसेवा की।

मंदिर आए बच्चों से मिले मुख्यमंत्री, दिया स्नेह और प्रेरणा

मंदिर परिसर में भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नजर वहां परिजनों के साथ आए बच्चों पर पड़ी। उन्होंने बच्चों को अपने पास बुलाया और उनसे उनके नाम व पढ़ाई के बारे में बातचीत की। मुख्यमंत्री ने बच्चों से आत्मीयता के साथ ठिठोली की और स्नेहाशीष देते हुए कहा- “खूब पढ़ो, खूब आगे बढ़ो।”

बच्चों को मिष्ठान्न और अन्नप्राशन का सौभाग्य

इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बच्चों को अपने हाथों से मिष्ठान्न भी वितरित किया। साथ ही, दो छोटे बच्चों को गोद में लेकर उनका अन्नप्राशन संस्कार भी कराया। यह दृश्य उपस्थित श्रद्धालुओं के लिए भावुक और प्रेरणादायी रहा।