Uttarakhand Weather News :देश के अधिकतर राज्यों में मानसून एक्टिव हो गया है। वहीं महाराष्ट्र-उत्तराखंड भीषण बारिश भी हो रही है। इ मौसम विभाग (IMD) ने उत्तराखंड के 4 जुलाई तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। 

IMD Rain Alert in Uttarakhand (उत्तराखंड) : देहरादून में भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने सोमवार को उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले के लिए अगले चार दिनों (4 जुलाई तक) तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही जिला प्रशासन ने लोगों से सावधान रहने की अपील की है। इस चेतावनी को देखते हुए, प्रशासन ने लोगों को सावधानी के तौर पर नदियों, नालों और भूस्खलन के खतरे वाले इलाकों में जाने से बचने की सलाह दी है।

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मौसम विभाग जारी की खतरनाक अलर्ट

  • अधिकारियों ने लोगों से सावधानी बरतने और अपनी सुरक्षा के लिए प्रशासन की तरफ से जारी होने वाली सलाह पर ध्यान देने की अपील की है। प्रशासन का कहना है कि वह हालात पर करीब से नजर बनाए हुए है और लोगों से मौसम की आधिकारिक जानकारी पर अपडेट रहने को कहा है।
  • मंगलवार को, IMD के देहरादून और पंतनगर स्टेशनों पर क्रमशः 31.8 मिमी और 58 मिमी बारिश दर्ज की गई। वहीं, IMD के नाउकास्ट सिस्टम के मुताबिक, रुद्रप्रयाग जिले में आज लगभग 5-15 मिमी/घंटे की बारिश होने का अनुमान है। साथ ही, हल्की गरज और 40 किमी/घंटे से कम रफ्तार की हवाएं भी चल सकती हैं।

उत्तराखंड के इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट

IMD ने पांच जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट भी जारी किया है, जिसमें नैनीताल, देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी गढ़वाल और उधम सिंह नगर में हल्की से मध्यम बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान है।

दिल्ली-हरियाणा, पंजाब और राजस्थान में कैसा मौसम?

इस बीच, IMD ने मंगलवार को बताया कि भारत में 1901 के बाद से इस साल जून में पांचवीं सबसे कम बारिश दर्ज की गई है। हालांकि, अगले दो से तीन दिनों में दक्षिण-पश्चिम मानसून के दिल्ली और हरियाणा, पंजाब, राजस्थान के कुछ हिस्सों और पूरे जम्मू-कश्मीर में आगे बढ़ने की उम्मीद है।

इस साल देश में कैसी बारिश?

  • IMD के अनुसार, देश में जून में सामान्य 165.3 मिमी के मुकाबले 99.5 मिमी बारिश हुई, जो 39.8 प्रतिशत की कमी है। यह 1901 के बाद से जून में हुई पांचवीं सबसे कम बारिश है।
  • देश के 36 मौसम संबंधी सब-डिवीजनों में से 24 (65 प्रतिशत) में कम बारिश दर्ज की गई, जबकि तीन (10 प्रतिशत) में बहुत ज्यादा कमी देखी गई।
  • IMD ने बताया कि दक्षिण-पश्चिम मानसून 16 मई को अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में पहुंचा और 4 जून को केरल पहुंचा, जो सामान्य तारीख 1 जून से तीन दिन की देरी से था। इसके बाद यह पूरे दक्षिण-पूर्व और उत्तर-पूर्व भारत, मध्य भारत के कई हिस्सों और उत्तर-पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ चुका है।

मौसम विभाग बताई देरी की वजह?

  • मौसम विभाग ने कहा कि जून 2026 के दौरान कोई भी कम दबाव का क्षेत्र नहीं बना। हालांकि पश्चिमी प्रशांत महासागर में टाइफून की गतिविधियां सामान्य से ऊपर रहीं, लेकिन ज्यादातर सिस्टम उत्तर-उत्तर-पश्चिम की ओर मुड़ गए, जिससे हिंद महासागर क्षेत्र में कम दबाव वाले सिस्टम नहीं बन पाए।
  • IMD ने आगे कहा कि अल नीनो के विकास का भारत में बारिश पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा, जबकि इंडियन ओशन डायपोल (IOD) न्यूट्रल फेज में रहा और अल नीनो के प्रभाव को कम नहीं कर सका। विभाग ने यह भी कहा कि 2026 के दक्षिण-पश्चिम मानसून सीजन के बाकी समय में भी अल नीनो की स्थिति बने रहने की संभावना है।