Vietnam Boat Accident : वियतनाम में हुए नाव हादसे में जान गंवाने वालों के पार्थिव शरीर आज  भारत पहुंचे। मृतकों में आंध्र प्रदेश के रवि तेजा भी शामिल हैं। जिन्होंने हादसे से कुछ देर पहले परिवार और बेटियों से एक वादा किया था। जिसे याद कर परिवार बिलख रहा है।

हिंदूपुरम (आंध्र प्रदेश): वियतनाम में टूरिस्ट बोट हादसे का शिकार हुए रवि तेजा के परिवार वाले उनकी आखिरी वीडियो कॉल को भूल नहीं पा रहे हैं। हादसे से कुछ ही घंटे पहले रवि ने खुशी-खुशी वीडियो कॉल पर अपने परिवार को अपनी छुट्टियों की झलक दिखाई थी। अब वही बातें याद करके परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।

आंध्र प्रदेश के श्री सत्य साई जिले के हिंदूपुरम के रहने वाले रवि तेजा 'लकी लावा मोबाइल स्टोर' के मालिक थे। वह वियतनाम घूमने गए थे, जहां एक नाव हादसे में उनकी जान चली गई। उस मनहूस नाव पर चढ़ने से पहले उन्होंने अपनी पत्नी, दो बेटियों और मां से बात की थी। परिवार वालों ने बताया कि पूरी यात्रा के दौरान रवि तेजा बहुत खुश और उत्साहित थे।

आखिरी वीडियो को याद कर बिलख रहा परिवार

  • परिवार के मुताबिक, रवि तेजा ने शुक्रवार रात अपनी पत्नी वेधा श्री और दोनों बेटियों सहस्रा और श्लोका को वीडियो कॉल की थी। इस कॉल के दौरान उन्होंने अपनी छुट्टियों के बारे में खुशी-खुशी बात की, उन्हें वे जगहें दिखाईं जहां वह घूमे थे और यकीन दिलाया कि वह यात्रा का पूरा मजा ले रहे हैं।
  • शनिवार की सुबह, रवि तेजा ने अपनी मां संध्या रानी से करीब 30 मिनट तक बात की। बातचीत में उन्होंने अपनी मां को खूबसूरत नजारे दिखाए और अपनी नाव यात्रा की एक झलक भी दी। परिवार का कहना है कि पूरी कॉल के दौरान वह बहुत खुश और उत्साहित लग रहे थे।

'अच्छे से पढ़ाई करना, मैं लौट आऊंगा...

  •  कुछ ही घंटों बाद, टूरिस्ट बोट एक हादसे का शिकार हो गई। परिवार को पहले उम्मीद थी कि रवि तेजा बच गए होंगे, लेकिन बाद में उनकी मौत की खबर ने उन्हें तोड़कर रख दिया। उनकी मां यह याद करके बिखर गईं कि बेटे से हुई वो बातचीत ही उसकी आखिरी बातें थीं।
  • उनकी बेटी सहस्रा ने अपनी आखिरी बातचीत को याद करते हुए कहा, "उन्होंने पिछले शुक्रवार की रात मुझसे वीडियो कॉल पर बात की थी। उन्होंने कहा था कि वह अगले बुधवार को वापस आ जाएंगे, मुझे प्रोग्राम में जाने के लिए कहा और अच्छे से पढ़ाई करने को कहा। हम उनके लौटने का इंतजार कर रहे थे।"

पत्नी बोलीं-सब कुछ कितना अच्छा था…

  • पत्नी वेधा श्री ने बताया कि रवि तेजा ने वीडियो कॉल पर परिवार से करीब 15 से 20 मिनट बात की थी। उन्होंने कहा, "उन्होंने हमें कल, यानी शुक्रवार शाम को फोन किया था। उन्होंने हम तीनों से करीब 15 से 20 मिनट बात की... उन्होंने हमें वहां की हर चीज दिखाई और बातें कीं। उन्होंने दिखाया कि सब कुछ कितना सुंदर है, ऐसा है, वैसा है।"
  • उनकी छोटी बेटी श्लोका ने भी कॉल को याद करते हुए कहा, "उन्होंने शुक्रवार शाम को वीडियो कॉल की और हमें सब कुछ दिखाया। उन्होंने चॉकलेट का भी जिक्र किया था।"

मां से कहा मैं कॉल करता करता हूं और आ गया काल

रवि तेजा की मां संध्या रानी ने बताया कि उन्होंने शनिवार सुबह नाव यात्रा पर जाने से पहले करीब 30 मिनट तक उनसे बात की थी। अपनी आखिरी बातचीत को याद करते हुए उन्होंने कहा, "उसने शनिवार सुबह 8:00 बजे फोन किया। लोग उसे बुला रहे थे। जब उन्होंने बुलाया, तो उसने कहा, 'मां, मैं आपको वापस फोन करता हूं।' उसने बाद में फिर फोन किया। उसने कहा, 'हम 15 मिनट में निकल रहे हैं।' यह आखिरी बार था।"

वियतनाम से कोयंबटूर आए पार्थिव शरीर

  • मंगलवार को सरकारी अधिकारियों ने रवि तेजा का पार्थिव शरीर उनके परिवार वालों को सौंप दिया। अपने बेटे का शव देखकर परिवार वाले गम में टूट गए। अधिकारियों ने उन्हें सांत्वना दी और अंतिम संस्कार की व्यवस्था की।
  • इस बीच, तमिलनाडु में भी वियतनाम नाव हादसे के तीन अन्य पीड़ितों के पार्थिव शरीर को लेकर बेंगलुरु से दूसरी फ्लाइट मंगलवार को कोयंबटूर एयरपोर्ट पहुंची। इस फ्लाइट में धर्मपुरी जिले के पप्पीरेड्डीपट्टी के सेंथिलकुमार, डिंडीगुल जिले के पलानी के मुरुगा प्रभु और सेलम जिले के श्रीधर के पार्थिव शरीर लाए गए। एयरपोर्ट पर एंबुलेंस तैयार रखी गई थीं ताकि जरूरी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद पार्थिव शरीरों को उनके गृहनगर भेजा जा सके।

जानिए कैसे वियतनाम में वोट बनी कॉल

  • यह दुखद घटना 11 जुलाई को हुई थी। उस दिन 36 लोगों को ले जा रही एक टूरिस्ट स्पीडबोट वियतनाम के फु क्वोक द्वीप के पास पलट गई थी। बताया जाता है कि खराब मौसम की वजह से वोट पलटी और उसमें सवार सभी लोग समुद्र में जा गिरे।
  • बोट पर सवार 36 लोगों में से 21 लोग बच गए, जबकि 15 भारतीय टूरिस्टों की जान चली गई।