Farming Jugaad Viral Video: सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें ट्रैक्टर की जगह ई-रिक्शा से खेत की जुताई करते हुए देखा जा सकता है। इस अनोखे देसी जुगाड़ को देखकर लोग हैरान हैं।

भारत में ई-रिक्शा का इस्तेमाल आमतौर पर यात्रियों को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने के लिए किया जाता है। अलग-अलग राज्यों में इसे अलग नामों से जाना जाता है और कई जगह लोग इसे प्यार से 'टिर्री' भी कहते हैं। लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो ने ई-रिक्शा की एक ऐसी तस्वीर दिखाई है, जिसे देखकर लोग हैरान हैं। वीडियो में ट्रैक्टर की जगह ई-रिक्शा खेत की जुताई करता नजर आ रहा है।

ई-रिक्शा के साथ किया अनोखा जुगाड़

वायरल वीडियो में एक खेत दिखाई देता है, जहां ई-रिक्शा के पीछे खेती में इस्तेमाल होने वाला जुताई का उपकरण जोड़ा गया है। जैसे ही ई-रिक्शा आगे बढ़ता है, पीछे लगा उपकरण मिट्टी को पलटने लगता है। आमतौर पर यह काम ट्रैक्टर से किया जाता है, लेकिन इस वीडियो में लोगों ने अपनी जरूरत और उपलब्ध संसाधनों के अनुसार नया तरीका अपनाया है। यह नजारा इसलिए भी लोगों को चौंका रहा है क्योंकि ई-रिक्शा को इस तरह के कृषि कार्यों के लिए डिजाइन नहीं किया गया है। इसके बावजूद वीडियो में यह खेत की जुताई करता दिखाई देता है।

यह भी पढ़ें: 3 महीने के बच्चे के पेट में मिला 8 हफ्ते का भ्रूण, बरेली में डॉक्टर भी रह गए हैरान

VIDEO देख सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर यूजर्स की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कई लोगों ने इसे भारतीयों के देसी जुगाड़ और नवाचार का शानदार उदाहरण बताया। उनका कहना है कि सीमित संसाधनों में भी लोग काम निकालने का तरीका ढूंढ़ लेते हैं। वहीं कुछ यूजर्स ने सवाल उठाए कि ई-रिक्शा को भारी कृषि कार्यों के लिए तैयार नहीं किया जाता। ऐसे में लगातार इस तरह इस्तेमाल करने से वाहन को नुकसान पहुंच सकता है और इसकी उम्र भी कम हो सकती है।

Scroll to load tweet…

वीडियो बना चर्चा का विषय

जानकारी के मुताबिक, यह वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर @Heena895 नाम के अकाउंट से साझा किया गया है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि वीडियो कब और किस स्थान का है।

फिलहाल यह वीडियो इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहा है। कुछ लोग इसे देसी जुगाड़ का बेहतरीन उदाहरण बता रहे हैं, तो कुछ इसे प्रयोगात्मक तरीका मान रहे हैं। वीडियो की सत्यता और इसके लंबे समय तक प्रभावी होने की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इसने खेती और नवाचार को लेकर नई चर्चा जरूर छेड़ दी है।

यह भी पढ़ें: SBI के ATM में 'आराम फरमाते' मिले यूपी के जनाब, VIDEO देख लोग रह गए हैरान