CRPF Woman Jawan Viral Video: दिल्ली और बेंगलुरु में सीजेपी (CJP) का प्रदर्शन अब हिंसक हो गया है। प्रदर्शनकारियों ने महिला पुलिस और सीआरपीएफ (CRPF) जवानों पर हमला किया है। हैरानी की बात ये है कि एसआईआर (SIR) का विरोध कर रहे इन लोगों को असली मुद्दे के बारे में कुछ पता ही नहीं है।
Alleged Slap on CRPF Personnel: दिल्ली और बेंगलुरु में पिछले कुछ महीनों से 'कॉकरोच' (CJP कार्यकर्ता) अलग-अलग मुद्दों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। शिक्षा सुधार के नाम पर मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांगने वाले ये लोग अब किसी अखबार की अधूरी खबर को पकड़कर SIR के खिलाफ सड़क पर उतर आए हैं। दिल्ली हो या बेंगलुरु, जब यूट्यूबर्स ने इन प्रदर्शनकारियों के सामने माइक लगाया, तो पता चला कि इन्हें मुद्दे की कोई जानकारी ही नहीं है! कुछ लोगों ने बताया कि उन्हें घर देने का लालच देकर लाया गया है, तो कुछ दिहाड़ी पर आए हैं। बेंगलुरु में हुए प्रदर्शन का भी यही हाल था। वहां प्रदर्शनकारियों से ज्यादा भीड़ तो पुलिस और यूट्यूबर्स की थी। बेंगलुरु में फ्लॉप होने के बाद, अब ये 'कॉकरोच' दिल्ली में तिरंगा यात्रा निकाल रहे हैं।
परसों हुए बवाल में कुछ प्रदर्शनकारियों और लड़कियों ने लेडी पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की की थी। एक लेडी पुलिस का कॉलर पकड़कर खींचने का वीडियो भी सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ था। अब तिरंगा यात्रा के नाम पर हुए हंगामे के दौरान पुलिस और संसदीय कर्मचारियों पर हमले का एक और वीडियो सामने आया है।
ड्यूटी पर तैनात महिला जवान पर हमला
राजीव चौक मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर 6 के पास एक लड़की ने ड्यूटी पर तैनात महिला पैरामिलिट्री (CRPF) जवान को थप्पड़ मार दिया। यह घटना अब इंटरनेट पर बहस का मुद्दा बन गई है। कई लोगों ने इसका वीडियो शेयर करते हुए आरोपी लड़की के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। लोग परसों लेडी पुलिसकर्मियों पर हुए हमले की भी जांच की मांग कर रहे हैं। लेकिन सबसे दुखद बात यह है कि सोशल मीडिया पर एक बड़ा वर्ग इस घटना का जश्न भी मना रहा है।
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके के नेतृत्व में शुक्रवार, 16 अक्टूबर की शाम 5 बजे कनॉट प्लेस में 'लहरा दो तिरंगा' मार्च निकाला जाना था। पार्टी के मुताबिक, यह प्रदर्शन उनके सदस्यों सौरव दास और आशुतोष रांका की अवैध गिरफ्तारी के विरोध में था। इन दोनों को इसी हफ्ते की शुरुआत में जंतर-मंतर (जो अब प्रदर्शन के लिए नोटिफाइड जगह नहीं है) में घुसने की कोशिश करते वक्त गिरफ्तार किया गया था। इसके अलावा, CJP और इंडिया (INDIA) ब्लॉक की पार्टियां वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के खिलाफ भी अलग-अलग प्रदर्शन कर रही हैं। इनकी मांग है कि चुनाव प्रक्रिया को वापस लिया जाए और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें। इन प्रदर्शनों ने दोनों ही मुद्दों को राजनीतिक रूप से विवादित बना दिया है।
नेता हिरासत में
दिल्ली पुलिस ने प्रस्तावित मार्च से पहले ही CJP संस्थापक अभिजीत दीपके और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की अध्यक्ष नेहा बोरा को एहतियातन हिरासत में ले लिया। पुलिस ने बताया कि नेहा बोरा को शनिवार सुबह छोड़ दिया गया, लेकिन दीपके को स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) कोर्ट में पेश किया जाना था। अधिकारियों के मुताबिक, दीपके को दो नोटिस देकर कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में न जाने का निर्देश दिया गया था। पुलिस का आरोप है कि उन्होंने इन निर्देशों का पालन नहीं किया। पुलिस के अनुसार, दीपके ने 50,000 रुपये का बॉन्ड भी भरा है और उन्हें एक साल तक सार्वजनिक शांति भंग न करने का निर्देश दिया गया है।






