पश्चिम बंगाल में कथित ‘सिंडिकेट राज’ पर अब बड़ा प्रहार होने वाला है। CM सुवेंदु अधिकारी ने अवैध रेत खनन, कोयला कारोबार और मवेशी तस्करी के खिलाफ सख्त कार्रवाई के आदेश देकर प्रशासन को अलर्ट मोड में डाल दिया है। क्या आने वाले दिनों में राज्यभर में बड़े नेटवर्क पर छापे और गिरफ्तारियां होंगी? 

West Bengal Crackdown: पश्चिम बंगाल की सत्ता संभालते ही मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर अपने तेवर साफ कर दिए हैं। सोमवार को राज्य सचिवालय 'नबन्ना' में हुई एक उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने प्रशासन को दो-टूक शब्दों में चेतावनी दी कि राज्य में अब "सिंडिकेट राज" और माफियाओं की समानांतर सत्ता नहीं चलेगी। सुवेंदु अधिकारी ने अवैध रेत खनन, कोयला तस्करी और मवेशी तस्करी के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा अभियान चलाने का ब्लूप्रिंट तैयार कर लिया है।

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सिंडिकेट राज का अंत: पुलिस को खुली छूट

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय कथित "सिंडिकेट" गतिविधियों पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने पुलिस के आला अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सिंडिकेट से जुड़े किसी भी व्यक्ति को बख्शा न जाए, चाहे वह कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि आम जनता और व्यापारियों को इन समूहों के आतंक से मुक्त करना सरकार की पहली प्राथमिकता है। पुलिस को यह भी निर्देश दिया गया है कि वे स्थानीय स्तर पर चल रहे अवैध वसूली केंद्रों को तत्काल प्रभाव से ध्वस्त करें।

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अवैध खनन पर 'जीरो टॉलरेंस' की नीति

बंगाल के सीमावर्ती और औद्योगिक क्षेत्रों में दशकों से नासूर बने अवैध रेत और कोयला खनन पर मुख्यमंत्री ने 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाने का आदेश दिया है। सचिवालय के सूत्रों के अनुसार, सुवेंदु अधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि अवैध खनन न केवल राज्य के राजस्व को चूना लगा रहा है, बल्कि पर्यावरण के लिए भी विनाशकारी साबित हो रहा है। उन्होंने अवैध खदानों के खिलाफ तत्काल छापेमारी करने और उनके परिवहन मार्गों को सील करने के निर्देश दिए हैं।

मवेशी तस्करी के नेटवर्क को ध्वस्त करने का मास्टर प्लान

पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती जिलों में मवेशी तस्करी एक गंभीर मुद्दा रहा है। मुख्यमंत्री ने सोमवार को सीमावर्ती जिलों के पुलिस अधिकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ इस मुद्दे पर विशेष चर्चा की। उन्होंने अवैध मवेशी तस्करी के नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए कड़ी निगरानी रखने और तस्करी के मुख्य सरगनाओं को सलाखों के पीछे भेजने का आदेश दिया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सीमाओं पर सुरक्षा और निगरानी को कई गुना बढ़ाया जाएगा ताकि राज्य की छवि पर लगने वाले इस दाग को धोया जा सके।

बदले की राजनीति से मुक्त 'सुशासन' का दावा

इस पूरे अभियान के बीच सुवेंदु अधिकारी ने एक बेहद महत्वपूर्ण और संवेदनशील बात कही। उन्होंने प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को कड़ाई से हिदायत दी कि उनकी कार्रवाई केवल अपराध और अपराधियों के खिलाफ होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने सुनिश्चित करने को कहा कि शासन "राजनीतिक बदले की भावना" से पूरी तरह मुक्त रहे। उन्होंने अधिकारियों को निष्पक्षता के साथ काम करने और न्याय की रक्षा करने का भरोसा दिया, जिससे राज्य में एक नई और पारदर्शी कार्य संस्कृति की शुरुआत हो सके।