पश्चिम बंगाल के बारुइपुर में 9 साल की बच्ची का शव मिलने पर हिंसा भड़की। रेप-हत्या के शक में गुस्साई भीड़ ने एक 26 वर्षीय युवक की पीट-पीटकर हत्या कर दी। पुलिस बच्ची की मौत और लिंचिंग, दोनों मामलों की जांच कर रही है।

कोलकाता: पश्चिम बंगाल के साउथ 24 परगना जिले के बारुइपुर में एक दिल दहला देने वाली घटना हुई है। यहां एक लापता 9 साल की बच्ची का शव तालाब से मिलने के बाद गुस्साई भीड़ ने एक 26 साल के युवक की पीट-पीटकर हत्या कर दी। भीड़ को शक था कि युवक का बच्ची के रेप और मर्डर में हाथ है। बच्ची के परिवार ने आरोप लगाया कि उसे बेरहमी से टॉर्चर करने के बाद मार दिया गया। इस आरोप के बाद स्थानीय लोग भड़क गए और सड़कों पर उतर आए। उन्होंने 26 साल के इंद्रजीत तांती नाम के युवक को पकड़ लिया, जिस पर बच्ची के अपहरणकर्ताओं के साथ देखे जाने का शक था। गुस्साई भीड़ ने उसे इतना पीटा कि उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे इलाके में कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ गई।

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शुरुआत में, गुस्साई भीड़ ने बच्ची का शव पुलिस को सौंपने से इनकार कर दिया। उन्होंने शव के साथ सड़क जाम कर दी, जिससे ट्रैफिक रुक गया। भीड़ ने कई गाड़ियों में आग भी लगा दी। करीब पांच घंटे तक सड़क जाम रही और एक घंटे तक ट्रेनें भी रोकी गईं। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि स्थानीय बीजेपी नेता शांतनु मोंडाल मामले के तीन मुख्य आरोपियों को बचा रहे हैं, जिसके बाद हंगामा और बढ़ गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री ने खुद दखल दिया। उनके आश्वासन के बाद ही भीड़ शांत हुई और बच्ची के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए बारुइपुर सब-डिविजनल अस्पताल ले जाने दिया। पुलिस ने बच्ची की मौत और उसके बाद हुई युवक की लिंचिंग, दोनों मामलों में अलग-अलग जांच शुरू कर दी है।

जानकारी के मुताबिक, 9 साल की बच्ची शनिवार शाम को अपनी सहेली के घर गई थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। परिवार वालों ने पूरी रात उसे ढूंढा, लेकिन रविवार सुबह उसका शव एक तालाब में मिला। इस घटना को लेकर अब राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई है। विपक्ष ने कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार पर निशाना साधा है, वहीं सत्ता पक्ष ने भरोसा दिलाया है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।