उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने अजय राय की जगह आराधना मिश्रा को प्रदेश अध्यक्ष बनाया है। लेकिन इस फैसले से अजय राय खुश नहीं है, अब राहुल गांधी ने उनको सीधे दिल्ली बुलाया है। क्योंकि वह यूपी में पूरी पार्टी के लिए चुनौती हैं।
लखनऊ/नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के अंदर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय राय इन दिनों पार्टी के भीतर चल रहे विवाद और संगठन में बदलाव को लेकर चर्चा में हैं। कांग्रेस ने उनकी जगह आराधना मिश्रा ‘मोना’ को प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी है। इसके बाद अजय राय के अगले कदम और पार्टी में उनकी भूमिका को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, उन्हें सीधे दिल्ली तलब किए जाने की आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध रिपोर्टों में नहीं है।
कौन हैं अजय राय?
- अजय राय वाराणसी के रहने वाले कांग्रेस नेता हैं। वह उत्तर प्रदेश की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय हैं और पांच बार विधायक रह चुके हैं। उन्होंने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) से की थी। बाद में वह समाजवादी पार्टी में गए और साल 2012 में कांग्रेस में शामिल हो गए।
- अजय राय की पहचान पूर्वांचल की राजनीति में एक प्रभावशाली नेता के रूप में रही है। वह वाराणसी लोकसभा सीट से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ भी चुनाव लड़ चुके हैं। साल 2023 में उन्हें उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष बनाया गया था।
प्रदेश अध्यक्ष पद से क्यों हटाए गए अजय राय?
- उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस संगठन में बदलाव कर रही है। इसी क्रम में पार्टी ने अजय राय की जगह आराधना मिश्रा ‘मोना’ को प्रदेश अध्यक्ष बनाया। अजय राय ने पार्टी नेतृत्व के फैसले को स्वीकार करने की बात कही थी और कांग्रेस को मजबूत करने के लिए काम जारी रखने का भरोसा दिया था।
- हालांकि, प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में उनके समर्थकों और दूसरे कार्यकर्ताओं के बीच हुए विवाद ने पार्टी की अंदरूनी खींचतान को चर्चा में ला दिया। इस घटना के दौरान धक्का-मुक्की और जूते-चप्पल चलने की खबरें भी सामने आईं।
राहुल गांधी के सामने क्या है चुनौती?
- उत्तर प्रदेश में कांग्रेस को मजबूत करना राहुल गांधी और पार्टी नेतृत्व के लिए अहम चुनौती है। पार्टी को संगठन में एकजुटता बनाए रखने के साथ-साथ कार्यकर्ताओं को सक्रिय करना और चुनावी रणनीति तैयार करनी है।
- अजय राय का पूर्वांचल में राजनीतिक आधार और संगठन में उनके समर्थकों की मौजूदगी इस पूरे घटनाक्रम को महत्वपूर्ण बनाती है। अब देखना होगा कि कांग्रेस नेतृत्व उन्हें आगे क्या जिम्मेदारी देता है और प्रदेश में पार्टी की रणनीति किस दिशा में बढ़ती है।


