Narottam Mishra latest news : मध्य प्रदेश के पूर्व होम मिनिस्टर नरोत्तम मिश्रा का दतिया सीट से टिकट ना मिलने पर एमपी की सियासत में हड़कंप मच गया है। मिश्रा के समर्थक उग्र होकर दतिया से भोपाल और हाईवे पर विरोध करते हुे हंगामा कर रहे हैं।
Datia Bypoll : मध्य प्रदेश के पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा को दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए टिकट नहीं मिलने पर उनके समर्थकों ने जमकर हंगामा कर रहे हैं। गुस्साए समर्थकों ने नेशनल हाईवे-44 को करीब 11 घंटे तक जाम रखा और पुलिस पर भी पत्थरबाजी की। बताया जा रहा है कि झड़प में कई पुलिसकर्मी घायल भी हुए हैं। इस विरोध-प्रर्दशन के चलते जिले की ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। तो आइए जानते हैं कौन हैं नरोत्तम मिश्रा, जिनके कहने पर दतिया से लेकर भोपाल तक बवाल मचा हुआ है?
नरोत्तम मिश्रा मध्य प्रदेश में बीजेपी के कद्दवर नेता
15 अप्रैल 1960 को ग्वालियर में जन्में नरोत्तम मिश्रा मध्य प्रदेश में बीजेपी के कद्दवर नेता हैं। जिन्होंने स्टूडेंट लाइफ से राजनीति शुरू की थी। उन्होंने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत बीजेपी युवा मोर्चा से की थी। नरोत्तम सबसे पहले राजनीति में तब चर्चा में आए तब वह ग्वालियर स्टूडेंट यूनियन के सेक्रेटरी बने।
नरोत्तम मिश्रा का राजनीतिक सफर
नरोत्तम मिश्रा ने साल 1990 में पहली बार डबरा विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा और भारी मतों से चुनाव जीतते हुए पहली बार मध्य प्रदेश विधानसभा पहुंचे। इसके बाद 1998 और 2003 में इसी सीट से फिर चुनाव जीता। परसीमान के बाद डबरा छोड़कर दतिया को अपना राजनीतिक गढ़ बना लिया। दतिया विधानसभा से 2008 में पहला चुनाव जीता। 2018 तक लगातार वह यहां से चुनाव जीतते रहे। इस दौरान वह राज्य की बीजेपी सरकारों में मंत्री भी रहे।
शिवराज सरकार में थे सबसे पावरफुल मिनिस्टर
नरोत्तम एक समय था जब राज्य में शिवराज सिंह चौहान की सरकार थी तो वह होम मिनिस्टर थे। इस दौरान सीएम के बाद वह सेंकड पावरफुल लीडर थे। वह गृह मंत्रालय, विधि एवं विधायी कार्य, जेल और संसदीय कार्य जैसे अहम विभागों में जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। इस बीच तो यह भी चर्चाएं होने लगी थीं कि अब शिवराज के बाद नरोत्तम मिश्रा ही मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री बनेंगे।
अमित शाह के करीबी नेता का क्यों कटा टिकट
बता दें कि मिश्रा हमेशा से ही अपने बेबाक बयानों वाले नेता के रूप में जाने जाते हैं। नरोत्तम मिश्रा को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का करीबी माना जाता है। वे कई राज्यों के विधानसभा चुनाव में पार्टी के रणनीतिकार के रूप में भी काम कर चुके हैं। लेकिन उनका टिकट कटना बड़ा राजनीतिक संकेत है।


