Badrinath Temple Donation Scam: बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) के अध्यक्ष के कार्यालय में तैनात पर्सनल असिस्टेंट प्रमोद नौटियाल को गिरफ्तार कर लिया है। उस पर बद्रीनाथ धाम मंदिर से 500 नोटों के बंडल, सोने-चांदी के सिक्के, चुराने के आरोप हैं।

चमोली (उत्तराखंड): बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) के एक सस्पेंड कर्मचारी प्रमोद नौटियाल को बद्रीनाथ धाम में दान की रकम में गड़बड़ी के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया है। चमोली पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने नौटियाल को देर रात देहरादून में उनके घर से अरेस्ट किया। इसके बाद टीम उन्हें बद्रीनाथ ले गई, जहां आज उन्हें कोर्ट में पेश किया जाएगा।

मेरी कोई गलती नहीं है

गिरफ्तारी के बाद नौटियाल ने खुद को बेकसूर बताते हुए मंदिर के फंड में हेराफेरी के आरोपों से इनकार किया उसने पुलिस से कहा चंदा गबन मामले में उसकी कोई गलती नहीं है। वहीं SIT के जांच अधिकारी महादेव उनियाल ने बताया कि टीम को केस में पहली कामयाबी मिली है।उन्होंने कहा, "फिलहाल, प्रमोद नौटियाल हमारी हिरासक में है उससे पूछताछ के बाद कई और नाम सामने आएंगे।

कौन हैं प्रमोद नौटियाल?

बता दें कि प्रमोद नौटियाल बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) के अध्यक्ष के कार्यालय में तैनात पर्सनल असिस्टेंट था। जिस पर मंदिर के चढ़ावा वाले कमरे से नकदी, सोने-चांदी के सिक्के चोरी करने का आरोप है। नौटियाल को मंदिर समिति द्वारा पहले ही सस्पेंड कर दिया था।अब एसआईटी (SIT) ने उसे गिरफ्तार किया है।

नोटों के बंडल, सोने-चांदी के सिक्के चुराते दिखा था नौटियाल

उत्तराखंड पुलिस ने दावा किया था कि CCTV फुटेज में नौटियाल दान की गिनती वाले कमरे से कैश, सोने-चांदी के सिक्के, शालिग्राम पत्थर और चढ़ावे के लिफाफे "संदिग्ध रूप से छिपाते या चुराते" हुए दिखे थे। उत्तराखंड पुलिस के मुताबिक, "आरोपी प्रमोद नौटियाल को 500 और 100 रुपये के नोटों के बंडल, सोने-चांदी के सिक्के, शालिग्राम पत्थर और चढ़ावे के लिफाफे, जिनमें करीब 10 से 12 हजार रुपये होने का अनुमान है। फुटेज में वह दान की गिनती वाले कमरे और अपने ऑफिस के बीच दो-तीन बार आते-जाते भी दिखे। पुलिस को शक है कि वह गिनती वाले कमरे से पैसे और कीमती सामान चुराकर अपने ऑफिस में छिपा रहे थे। यह घटना 2 जुलाई की CCTV फुटेज में कैद हुई।

जानिए क्या है पूरा मामला

बता दें कि यह मामला देश के सबसे पवित्र तीर्थस्थलों में से एक, बद्रीनाथ मंदिर में चढ़ावे की चोरी और हेरफेर से जुड़ा है। चोरी की खबरें सामने आने के बाद, राज्य सरकार ने मामले की गहराई से जांच करने और दोषियों का पता लगाने के लिए एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम बनाई थी। यह घटना 2 जुलाई की CCTV फुटेज में कैद हुई। इस मामले में FIR बद्रीनाथ पुलिस स्टेशन में BKTC के प्रभारी मंदिर अधिकारी युद्धवीर पुष्पवान की शिकायत पर दर्ज की गई थी। SIT ने उनका बयान भी दर्ज किया है। जांच के तहत CCTV कंट्रोल ऑफिसर पंवार और दान की गिनती के दौरान मौजूद रहे हरेंद्र कोठारी समेत BKTC के दूसरे अधिकारियों के बयान भी लिए गए हैं। इस बीच, नौटियाल ने अपने सस्पेंशन और अपने खिलाफ दर्ज FIR को उत्तराखंड हाई कोर्ट में चुनौती दी है। मामले की अगली सुनवाई 16 जुलाई को होनी है।