झारखंड के पलामू में दांत निकलवाने गई 35 वर्षीय महिला की मौत हो गई। परिजनों ने डॉक्टर पर गलत इंजेक्शन देने का आरोप लगाया है। घटना के बाद आरोपी डॉक्टर फरार है और पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

झारखंड से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां दांत का इलाज करवाने गई एक महिला की क्लीनिक में ही मौत हो गई। आरोप है कि डॉक्टर की गलती की वजह से महिला की जान चली गई। मामला पलामू जिले के हरिहरगंज का है। 35 साल की बिजंती देवी को कुछ दिनों से दांत में दर्द था। इससे छुटकारा पाने के लिए उन्होंने दांत निकलवाने का फैसला किया। वो अपने पति के साथ हरिहरगंज के एक प्राइवेट डेंटल क्लीनिक 'जनता दंत चिकित्सालय' पहुंचीं। वहां डॉक्टर ने उनकी जांच की और दांत निकालने के लिए लोकल एनेस्थीसिया (सुन्न करने का इंजेक्शन) दिया। लेकिन इसके बाद जो हुआ, उसने सबके होश उड़ा दिए। 

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गलत इंजेक्शन लगाने से महिला की मौत

बिजंती देवी फिर कभी उठ नहीं पाईं। घटना के बाद आरोपी डॉक्टर फरार हो गया है और पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। महिला के 36 साल के पति मुकेश चंद्र भारती ने पुलिस को अपनी शिकायत में बताया कि वे बिहार के औरंगाबाद जिले के रहने वाले हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि डॉक्टर के गलत इंजेक्शन देने के बाद उनकी पत्नी की मौत हुई। मुकेश ने बताया, "मेरी पत्नी को दांत में दर्द था। उसका एक दांत आधा टूटा हुआ था, जिससे उसे बहुत तकलीफ हो रही थी। हमारे गांव के कई लोगों ने पहले उस क्लीनिक में इलाज करवाया था, इसीलिए हम भी सुबह करीब 10:30 बजे पलामू के इस क्लीनिक पर पहुंचे थे।" 

मुकेश के मुताबिक, अशरफ अली नाम के डेंटिस्ट ने उनकी पत्नी की जांच की, ब्लड प्रेशर चेक किया और ब्लड शुगर टेस्ट कराने को कहा। शुगर करीब 140 निकला। इसके बाद डॉक्टर ने दांत निकालने की प्रक्रिया शुरू की। दांत वाली जगह को सुन्न करने के लिए इंजेक्शन दिया गया और फिर दांत निकाल दिया गया। करीब एक घंटे बाद, डॉक्टर ने कुछ दवाइयां लिखीं और एक इंजेक्शन लगाने को कहा। एक कंपाउंडर ने वह इंजेक्शन लगाया। मुकेश ने बताया, "इंजेक्शन लगते ही मेरी पत्नी को उल्टी होने लगी और उसकी हालत तुरंत बिगड़ने लगी।" 

महिला को उल्टी हुई तो डॉक्टर ने लगा दिया 2 इंजेक्शन और…

उन्होंने बताया कि जब डॉक्टर को इस बारे में बताया गया, तो उसने दो और इंजेक्शन लगा दिए। कुछ ही मिनटों में बिजंती का चेहरा पीला पड़ गया और उसने कोई हरकत करना बंद कर दिया। इसके बाद डॉक्टर एम्बुलेंस लाने की बात कहकर क्लीनिक से निकला और वापस नहीं लौटा। मुकेश ने रोते हुए कहा कि वहां मौजूद स्थानीय लोगों की मदद से वो अपनी पत्नी को पहले पास के एक प्राइवेट बच्चों के अस्पताल ले गए और फिर हरिहरगंज के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (Community Health Centre) ले गए। वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद बिजंती को मृत घोषित कर दिया। 

हरिहरगंज पुलिस स्टेशन के इंचार्ज ने बताया कि पति के बयान के आधार पर केस दर्ज कर लिया गया है और जांच चल रही है। शव का पोस्टमॉर्टम करा दिया गया है और रिपोर्ट का इंतजार है। उन्होंने कहा, "हमने मुख्य आरोपी डॉक्टर के खिलाफ FIR दर्ज की है। कंपाउंडर की भूमिका के बारे में अभी पक्के तौर पर कुछ नहीं कहा जा सकता। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद ही मामले की पूरी सच्चाई सामने आएगी।"