दिल्ली मेट्रो में सफर के दौरान तेज आवाज में रील्स चलाकर परेशान करने वाले यात्रियों के बारे में बेंगलुरु की एक महिला का पोस्ट वायरल हो रहा है। इस पोस्ट ने सार्वजनिक जगहों पर व्यवहार को लेकर एक बहस छेड़ दी है।

क्सर विदेशी टूरिस्ट और सोशल मीडिया यूजर्स कहते हैं कि भारतीयों ने अभी तक सार्वजनिक जगहों पर व्यवहार करना नहीं सीखा है। सबके पास इसके अपने-अपने कारण होते हैं। ऐसा ही एक कारण बताते हुए बेंगलुरु की एक महिला का लिखा पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। महिला ने लिखा कि सह-यात्रियों का बर्ताव अक्सर असहनीय होता है। उन्होंने दिल्ली मेट्रो में अपने साथ हुए एक अनुभव के बारे में बताया।

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असहनीय बर्ताव

महिला ने लिखा कि भीड़ भरी मेट्रो ट्रेनों में कुछ लोगों का बर्ताव बहुत परेशान करने वाला और चिड़चिड़ा होता है। बेंगलुरु की रहने वाली अनन्या गुप्ता ने उन यात्रियों के बारे में लिखा जो दूसरे यात्रियों का बिल्कुल भी सम्मान नहीं करते और भीड़ में तेज आवाज में रील्स देखते हैं। वह दिल्ली मेट्रो में बैठकर एक किताब पढ़ रही थीं। इसी बीच, उनके बगल में बैठे एक शख्स ने तेज आवाज में रील्स देखना शुरू कर दिया। उन्होंने उस शख्स से कहा कि यह एक सार्वजनिक जगह है, इसलिए आवाज थोड़ी कम कर लें। हैरानी की बात है कि उसने आवाज कम कर दी। लेकिन, अगले स्टेशन पर एक और शख्स चढ़ा और ठीक उनके बगल में आकर बैठ गया। फिर उसने भी वही किया। अनन्या ने आगे कहा कि उन्होंने कुछ नहीं कहा क्योंकि उन्हें लगा कि इसका कोई फायदा नहीं होगा।

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ऐसा क्यों?

अनन्या के पोस्ट पर कई लोगों ने जवाब दिया। बहुत से लोगों ने अपनी यात्रा के दौरान हुए ऐसे ही अनुभव शेयर किए। एक यूजर ने लिखा कि एक बार जापान में मेट्रो यात्रा के दौरान जब उसका फोन बजा, तो दूसरे यात्रियों ने उसे ऐसे घूरा जैसे वह कोई कातिल हो या उससे भी बुरा। एक दूसरे यूजर ने लिखा कि हम दूसरों की प्राइवेसी का सम्मान करने में नाकाम रहते हैं। एक और यूजर ने सवाल किया कि लोग अपने सामाजिक परिवेश के बारे में जागरूक क्यों नहीं हैं।