योगी सरकार के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश का स्टार्टअप इकोसिस्टम तेजी से मजबूत हो रहा है। स्टार्ट इन यूपी के तहत मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स की संख्या 3011 पहुंच गई है, जबकि स्टार्टअप इंडिया में भी प्रदेश की भागीदारी लगातार बढ़ रही है।
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में स्टार्टअप इकोसिस्टम लगातार विस्तार कर रहा है। प्रदेश में बनाए गए अनुकूल माहौल के चलते स्टार्टअप गतिविधियों में तेजी आई है। सरकार की स्टार्ट इन यूपी पहल के तहत अब मान्यता प्राप्त (रिकॉग्नाइज्ड) स्टार्टअप्स की संख्या 3000 के आंकड़े को पार कर चुकी है। योगी सरकार का स्पष्ट उद्देश्य है कि प्रदेश का युवा नौकरी खोजने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला बने, और यह सोच अब धरातल पर साकार होती दिख रही है।
स्टार्ट इन यूपी के तहत 3011 स्टार्टअप्स को मिली मान्यता
ताजा आंकड़ों के अनुसार, उत्तर प्रदेश में स्टार्ट इन यूपी के अंतर्गत मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स की संख्या बढ़कर 3011 हो गई है। दिसंबर 2025 में यह संख्या 2905 थी। यानी कुछ ही समय में 106 नए स्टार्टअप्स को मान्यता दी गई है। यह वृद्धि प्रदेश में बढ़ते उद्यमी विश्वास और सरकार की नीतियों पर भरोसे को दर्शाती है।
स्टार्टअप इंडिया में भी उत्तर प्रदेश की मजबूत स्थिति
प्रदेश की स्थिति केंद्र सरकार की स्टार्टअप इंडिया योजना के अंतर्गत भी लगातार मजबूत हो रही है। दिसंबर 2025 में उत्तर प्रदेश में स्टार्टअप इंडिया से मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स की संख्या 18,568 थी, जो अब बढ़कर 19,042 हो गई है। इस अवधि में 474 नए स्टार्टअप्स को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिली है। यह आंकड़े बताते हैं कि उत्तर प्रदेश तेजी से देश के प्रमुख स्टार्टअप हब के रूप में उभर रहा है।
स्पष्ट नीति और सरल प्रक्रिया से बढ़ा युवाओं का भरोसा
योगी सरकार के कार्यकाल में स्टार्टअप्स को लेकर स्पष्ट, स्थिर और दूरदर्शी नीति अपनाई गई है। स्टार्ट इन यूपी नीति के माध्यम से सरकार ने फंडिंग सपोर्ट, मेंटरशिप, इनक्यूबेशन और तकनीकी सहयोग जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं। इसके साथ ही आवेदन और मान्यता की प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया गया है, ताकि अधिक से अधिक युवा उद्यमिता की ओर आगे बढ़ सकें। सरकार का उद्देश्य युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रेरित करना और उनके नवाचारों को व्यावसायिक रूप देने के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान करना है।
छोटे शहरों और जिलों से भी उभर रहे नए स्टार्टअप्स
आईटी विशेषज्ञ प्रदीप यादव के अनुसार, प्रदेश में कानून-व्यवस्था में सुधार, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस पर फोकस और डिजिटल गवर्नेंस के विस्तार का सकारात्मक प्रभाव स्टार्टअप सेक्टर पर साफ नजर आ रहा है। अब स्टार्टअप्स केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि छोटे शहरों और जिलों से भी नए उद्यम सामने आ रहे हैं। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन बढ़ रहा है और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है।


