जज ने फैसला सुनाते वक्त कहा कि यह साबित हो चुका है कि आरिज खान और उसके सहयोगियों ने जान-बूझकर सरकारी कर्मचारियों को चोट पहुंचाई। इतना ही नहीं आरिज ने इंस्‍पेक्‍टर एमसी शर्मा पर गोली चलाई जिससे उनकी मौत गई। 


दिल्ली. चर्चित बाटला हाउस एनकाउंटर केस में सोमवार को दिल्ली के साकेत कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए इंडियन मुजाहिदीन के आतंकी आरिज खान को दोषी करार दे दिया है। उसे आर्म्‍स ऐक्‍ट की धारा 27 के तहत भी दोषी माना गया है। आरिज खान को कितनी सजा होगी, अदालत इसकी घोषणा 15 मार्च को बताएगी। बता दें कि कई सालों तक फरार होने के बाद आरोपी को फरवरी 2018 में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने ने गिरफ्तार किया था।

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आरोपी इंस्‍पेक्‍टर को गोली मार की थी हत्या
जज ने फैसला सुनाते वक्त कहा कि यह साबित हो चुका है कि आरिज खान और उसके सहयोगियों ने जान-बूझकर सरकारी कर्मचारियों को चोट पहुंचाई। इतना ही नहीं आरिज ने इंस्‍पेक्‍टर एमसी शर्मा पर गोली चलाई जिससे उनकी मौत गई। इस मामले में एक और आरोपी शहजाद को पहले ही उम्रकैद की सजा हो चुकी है।

क्या है बाटला केस, जिसमें मारे गए थे 26 
बता दें कि 13 सिंतबर साल 2008 में दिल्ली के करोल बाग, कनॉट प्लेस, इंडिया गेट और ग्रेटर कैलाश में बम धमाके हुए थे, जिसमें 26 लोगों की मौत हुई थी। जबकि 133नगंभीर रुप से घायल भी हुए थे। दिल्ली पुलिस और अन्य जांच एजेंसियों ने जांच में पाया था कि इस बम ब्लास्ट को आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिद्दीन ने अंजाम दिया।आरिज ने साथी साजिद के साथ दिल्ली की लाजपत राय मार्केट से अलार्म घड़ी, सर्किट वायर, प्रेशर कुकर और दूसरे सामान लाया। जिसके बाद उसने आतिफ आमीन के साथ जीके एम ब्लॉक मार्केट में बम रखा।

आरोपी आरिज खान है आजमगढ़ का रहने वाला
आरोपी आरिज खान उर्फ जुनैद यूपी के आजमगढ़ का रहने वाला है। उसने दसवीं तक की आजमगढ़ से की है। इसके बाद वह अलीगढ़ यूनिवर्सिटी में पढ़ाई के लिए गया था, लेकिन वो कॉलेज में वहां भी फेल हो गया था। पुलिस जांच में सामने आया था कि आरोपी आरिज खान ने 2007 में लखनऊ कोर्ट में पहला बम धमाका किया था। जिसकी जानकारी मीडिया को मेल करके दी गई थी। 

पुलिस के हाथ ऐसे लगा आरोपी आरिज
दिल्ली में बम ब्लास्ट करने के बाद आरिज खान शहजाद के साथ पुलिस टीम पर फायरिंग करके फरार हो गया था। वह कई दिन छिपने के बाद अपने चाचा के पास नेपाल चला गया। जहां उसने नेपाल में मोहम्मद सलीम के नाम से अपना पासपोर्ट बनवा लिया। वहां एक होटल का काम करने लगा। लेकिन साल 2014 में आरिज मजदूरी के काम के बहाने सऊदी अरब गया। वहां तीन साल बिताने के बाद वो 2017 में वापिस नेपाल वापस आ गया। भारत पर फिर एक बार वो हमले की साजिश करने में जुट गया। दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने उसे यूपी में नेपाल बार्डर के पास से गिरफ्तार किया था।