मंगलुरु में नाबालिग कपल पर कथित हमला और वीडियो बनाने के आरोप में पिता-पुत्र पर केस दर्ज। एससी समुदाय से जुड़े जाति अपमान की धाराएं भी पहुंचाईं। मोरल पुलिसिंग घटना की जांच मंगलुरु साउथ पुलिस कर रही है। 

Mangaluru Moral Policing: कर्नाटक के मंगलुरु से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां बाबू गुड्डे इलाके में एक नाबालिग लड़के और लड़की पर जानलेवा हमला करने और उनका वीडियो बनाने के आरोप में एक पिता-पुत्र के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। पुलिस इस मामले को कथित मोरल पुलिसिंग घटना के रूप में देख रही है। घटना रेलवे ट्रैक के पास हुई बताई जा रही है, जहां दोनों नाबालिग बैठे थे। आरोप है कि स्टीवन मोंटेरो नाम के व्यक्ति ने पहले मोबाइल फोन से उनका वीडियो बनाया और फिर कथित तौर पर हमला किया। पुलिस के अनुसार, उसके बेटे एविल ने भी इस दौरान अपने पिता की मदद की।

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क्या यह ‘Moral Policing’ का मामला है?

स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, कपल को वहां बैठने को लेकर रोका गया और फिर बात बढ़ने पर मारपीट हुई। इसी वजह से इस घटना को मंगलुरु मोरल पुलिसिंग केस” कहा जा रहा है। मोरल पुलिसिंग को लेकर पहले भी कर्नाटक में कई विवाद हो चुके हैं, लेकिन इस बार मामला नाबालिगों से जुड़ा होने के कारण ज्यादा संवेदनशील हो गया है।

क्या जाति आधारित आरोप भी जुड़े हैं?

जांच में सामने आया कि लड़का अनुसूचित जाति (SC) समुदाय से है। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि जातिसूचक गालियां दी गईं। इसी आधार पर आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। मामला मंगलुरु साउथ पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया है और पुलिस आगे की जांच कर रही है।

वीडियो बनाना क्यों बना अहम सबूत?

इस केस में सबसे अहम बात यह है कि कथित तौर पर घटना का वीडियो बनाया गया। अगर यह वीडियो पुलिस के हाथ लगता है, तो यह पूरे मामले में बड़ा सबूत बन सकता है। इससे साफ हो सकेगा कि वहां असल में क्या हुआ था।

आगे क्या हो सकता है?

अगर जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो आरोपियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई हो सकती है। चूंकि मामला नाबालिग और SC समुदाय से जुड़ा है, इसलिए इसमें गंभीर धाराएं लग सकती हैं। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है और बयान दर्ज किए जा रहे हैं। अब सबकी नजर पुलिस जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई पर है।