लॉकडाउन का सबसे ज्यादा असर मजदूरों पर पड़ा रहा है। देश के लाखों लोग भूखे-प्यासे मजदूर इधर से उधर भटक रहे हैं। लेकिन, गुजरात में एक मनवता को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। जिसको जान आप भी हैरत में पड़ जाएंगे।

राजकोट (गुजरात). लॉकडाउन का सबसे ज्यादा असर मजदूरों पर पड़ा रहा है। देश के लाखों लोग भूखे-प्यासे मजदूर इधर से उधर भटक रहे हैं। केंद्र सरकार-राज्य सरकार और कई सामाजिक संस्थाएं ऐसे बेसहारा लोगों के लिए भोजन पहुंचा रही हैं। लेकिन, गुजरात में एक मनवता को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। जिसको जान आप भी हैरत में पड़ जाएंगे।

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असलियत सामने आई तो बनाने लगे बहाना
दरअसल, राजकोट में रहने वाला एक युवक रोज समाज सेवी संस्थाओं को फोन करके अपने परिवार के लिए खाना बुलवाता था। ऐसे में एक सेवाभावी संस्था उसे रोज उसे भोजन पहंचाने लगी। लेकिन एक दिन संस्था के एक युवक को परिवार पर शक हुआ। तो उसने घर के अंदर जाकर देखा तो वह शॉक्ड था। क्योंकि उसकी रसोई में राशन, किराना, तेल, दाल जैसी खाने की सारी वस्तुएं डिब्बों में भरी हुई थीं। इसके बावजूद भी वह कई भूखे-प्यासे गरीबों का हक छीनकर अपना पेट भर रहा था।

कलेक्टर तक पहंचा मामला
जब परिवार वालों से इस मामले में बात की तो वह वहाना बनाने लगे। कहने लगे यह सामान उनकी बेटी का है जो शहर में पढ़ती है। हमने एक महीने पहले ही खरीदा है। संस्था के लोगों ने इसकी जानकारी जिला कलेक्टर को दी। जहां कलेक्टर रेम्या मोहन ने कहा है कि इस तरह की बेइमानी नहीं करनी चाहिए। अगर आप इस तरह से दूसरों का हक मारेंगे तो बाकी गरीबों तक खाना कैसे पहुंचेगा। हालांकि परिवार को समझाइश देकर छोड़ दिया गया।